Patna Crime: आधी रात में जिस्मफरोशी के सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा, पटना के 50 से ज़्यादा पार्लरों पर धावा, कई हिरासत में, रैकेट के राज खंगाल रही पुलिस

Patna Crime: पटना में कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी यादव की बेरहम हत्या के सात दिन बाद पुलिस आखिरकार एक्शन मोड में नजर आई।

आधी रात में जिस्मफरोशी के सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा- फोटो : reporter

Patna Crime:  पटना में कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी यादव की बेरहम हत्या के सात दिन बाद पुलिस आखिरकार एक्शन मोड में नजर आई। शहर में जिस्मफरोशी के कथित सिंडिकेट पर शिकंजा कसते हुए सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी की अगुवाई में सोमवार को एक साथ 50 से अधिक ब्यूटी पार्लरों और स्पा सेंटरों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट  समेत एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस शामिल रही। शुरुआती जानकारी के मुताबिक रेड के दौरान आपत्तिजनक सामान बरामद होने की सूचना है, जबकि कई लोगों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई डाकबंगला चौराहा स्थित लोकनायक जयप्रकाश भवन, गांधी मैदान, फ्रेजर रोड और अन्य वीआईपी इलाकों के पार्लरों तक पहुंची। गांधी मैदान स्थित दूल्हे राजा पार्लर से एक पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इन पार्लरों की आड़ में कोई संगठित गिरोह तो अपना काला कारोबार नहीं चला रहा था।

बंटी यादव हत्याकांड ने पूरे मामले को सनसनीखेज़ बना दिया है। आरोप है कि बंटी लगातार कथित सेक्स रैकेट का विरोध कर रहा था। 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास टाटा पार्क के समीप से उसका अपहरण कर लिया गया। परिवार पुलिस से फ़रियाद करता रहा, लेकिन बंटी का कोई सुराग नहीं मिला। पांच दिन बाद, 11 जुलाई को उसका शव पटना से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ।

लाश की हालत ऐसी थी कि पहचान करना भी मुश्किल हो गया था। चेहरा बुरी तरह कुचला गया था, आंख और नाक तक पहचान में नहीं आ रहे थे। दाहिने हाथ का मांस लगभग गायब था और सिर्फ हड्डियां बची थीं। पूरे जिस्म पर ज़ख्मों के गहरे निशान थे। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक, बंटी की गोली मारकर नहीं, बल्कि ईंट-पत्थर जैसे भारी हथियारों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई। रिपोर्ट में किसी गोली या छर्रे की पुष्टि नहीं हुई।

हैरानी की बात यह भी है कि बदमाशों ने पहचान मिटाने की साज़िश के तहत बंटी के दाहिने हाथ पर बने टैटू को किसी नुकीली चीज़ से गोदकर मिटाने की कोशिश की। हालांकि हाथ में पहने कड़े की वजह से परिजन शव की पहचान कर सके। परिवार का दावा है कि अपहरण वाले दिन या उसके कुछ घंटों के भीतर ही बंटी का क़त्ल कर दिया गया था, जबकि वे लगातार पुलिस से उसे ज़िंदा तलाशने की गुहार लगाते रहे।अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या बंटी की हत्या और कथित सेक्स रैकेट के तार आपस में जुड़े हैं? क्या इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा था? पुलिस फिलहाल छापेमारी में मिले सुरागों, हिरासत में लिए गए लोगों और बरामद सामान के आधार पर पूरे सिंडिकेट की परतें खोलने में जुटी है। पूरे मामले पर शहर की निगाहें टिकी हैं।

रंजीत कुमार की स्पेशल रिपोर्ट