Patna Crime: पटना को दहलाने वाले शूटरों को पहचान लीजिए, राजधानी के सुरक्षा व्यवस्था की उड़ी धज्जी, एक युवक को किया छलनी
Patna Crime: बिहार की राजधानी का सबसे पॉश इलाका सोमवार की रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। ...
Patna Crime: बिहार की राजधानी का सबसे पॉश इलाका सोमवार की रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। बोरिंग रोड स्थित गौतम होटल के पास उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सफेद रंग की कार में सवार 'जरायम की दुनिया' के बेखौफ स्थानीय गुर्गों ने सरेराह कत्लेआम मचाने की कोशिश की। बदमाशों ने एक के बाद एक करीब 7 राउंड फायरिंग की, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया।
गोलीबारी की इस घटना में एक युवक को 4 गोलियां लगी हैं। उसे तत्काल शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी जारी है।
वारदात का 'मंजर-ए-खौफ'
चश्मदीदों के मुताबिक, मंजर ऐसा था कि गोलियों की गूंज सुनते ही दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए और राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर पनाह लेने लगे। पुलिस को घटनास्थल से 7.65 MM के कारतूस और 7 खोखे बरामद हुए हैं, जो इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि हमलावर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के नापाक इरादे से आए थे।
इन मुल्जिमों पर गहराया शक
इस सनसनीखेज वारदात में चार मुख्य चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं, जिन्होंने पटना की अमन-चैन में खलल डालने की जुर्रत की है:
प्रिंस कुमार (नवरतन ज्वैलर्स के पीछे, बोरिंग रोड)
समीर उर्फ भोलू यादव (पिता: वकील राय, पहलवान बाजार)
मोहित यादव (पिता: रामनिवास, पहलवान मार्केट)
निशु (पिता: धीरेंद्र राय, पहलवान मार्केट)
एक घायल, 'मौत' से जंग जारी
सूत्रों के मुताबिक, इस अंधाधुंध गोलीबारी में किशन नामक युवक को गोली लगी है। युवक मूल रुप से मोतीहारी का रहने वाला है, उसकी हालत बेहद 'नाजुक' बताई जा रही है और फिलहाल वह निजी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
बुद्धा कॉलोनी के थानाध्यक्ष पल्लव ने बताया कि पुलिस ने अपने बयान पर 15 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। वारदात को अंजाम देने के बाद 'सफेदपोश' अपराधी चौराहे के रास्ते रफूचक्कर हो गए। पुलिस अब आसपास के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि इन 'हिस्ट्रीशीटरों' के गिरेबान तक पहुंचा जा सके।
शहर के बीचों-बीच हुई इस गोलीबारी ने पुलिसिया इकबाल पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि कानून के हाथ इन दु:साहसी रसूखदार बदमाशों तक कब तक पहुंचते हैं।
रिपोर्ट- कुलदीप भारद्वाज