Patna Crime: पटना से युवक का अपहरण, फिरौती मिलने बाद अपराधियों ने छोड़ा, पुलिस ने होटल से दबोचे 10 फ्रॉडस्टार

Patna Crime: पटना में अपराध की दुनिया का एक और काला चेहरा बेनकाब हुआ है।...

पटना से युवक का अपहरण- फोटो : social Media

Patna Crime: पटना में अपराध की दुनिया का एक और काला चेहरा बेनकाब हुआ है। श्रीकृष्णा पुरी थाना पुलिस ने सूझबूझ और तेज़ कार्रवाई से न सिर्फ अपहृत युवक को सकुशल बरामद किया, बल्कि उसकी निशानदेही पर दानापुर के तुलसी नगर स्थित एक होटल से बड़े साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 फ्रॉडस्टार को धर दबोचा है, जिनकी फंडिंग विदेशों से होने के सबूत भी सामने आए हैं।

गुरुवार को पटना पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक का अपहरण कर बदमाश 2.50 लाख रुपये की फिरौती मांग रहे हैं। परिजनों ने साफ कहा कि इतनी बड़ी रकम देना उनके बस की बात नहीं है। मामला गंभीर था, लिहाजा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने फौरन एक विशेष टीम का गठन कर युवक की तलाश शुरू कराई। टेक्निकल सर्विलांस के जरिए जब युवक का लोकेशन ट्रेस किया गया तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई—युवक बोरिंग रोड इलाके में भटकता हुआ पाया गया।

एसके पुरी थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ में युवक ने जो कहानी बयां की, वह अपराध की साजिशों की पूरी पटकथा थी। युवक ने बताया कि वह तुलसी होटल, दानापुर गया था, जहां उसने किसी का मोबाइल नंबर ले लिया। यह हरकत गिरोह के सदस्यों ने देख ली। इसके बाद युवक को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया और फिरौती की मांग शुरू हो गई।

शुरुआत में बदमाशों ने 2.50 लाख की डिमांड रखी, लेकिन युवक ने अपनी आर्थिक हालत का हवाला दिया। सौदेबाज़ी के बाद बात 25 हजार रुपये में तय हुई। परिजनों ने किसी तरह पैसे ट्रांसफर किए, जिसके बाद बदमाश युवक को बोरिंग रोड में छोड़कर फरार हो गए।

बरामद युवक ने पुलिस को अहम इनपुट देते हुए बताया कि बदमाश अभी भी तुलसी होटल में छिपे हैं। इस इत्तिला पर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए होटल में रेड मारी। छापेमारी के दौरान केरल के 6 और बिहार के 4 अपराधी गिरफ्तार किए गए। बिहार के चारों बदमाश नालंदा और पटना के रहने वाले हैं, जबकि गिरोह में दीघा की एक महिला की संलिप्तता भी सामने आई है।

पुलिस ने इनके पास से 25 से अधिक एटीएम कार्ड, 8 से ज्यादा मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई अहम दस्तावेज़ बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि यह गिरोह देश-विदेश में फैले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होंगे।