UP Land Mafia: नोएडा में 71 वर्षीय वृद्ध महिला ने भू-माफिया और पुलिस उत्पीड़न से बचाने की लगाई गुहार, ACP को जांच के आदेश
UP Land Mafia: गौतमबुद्ध नगर में 71 वर्षीय वृद्ध महिला ने भू-माफिया और पुलिस कर्मियों पर मारपीट, लूट और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने जांच के आदेश दिए हैं।
UP Land Mafia: गौतमबुद्ध नगर जिले से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां 71 वर्षीय वृद्ध महिला ने अपनी जान-माल और घर-जमीन की सुरक्षा को लेकर पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। पीड़िता ने कानून एवं व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र को लिखित शिकायत देकर भू-माफिया और स्थानीय पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित महिला सुशीला देवी ने बताया कि वह कई वर्षों से अपनी जीवन भर की जमा पूंजी और जेवर बेचकर अपनी पुत्री रंजना के साथ जमीन की घेराबंदी कर टिनशेड के मकान में रह रही थीं। ठंड के इस मौसम में भी वह किसी तरह अपने आशियाने में गुजर-बसर कर रही थीं, लेकिन हाल के दिनों में कुछ भू-माफिया और अज्ञात लोगों ने उन्हें घर खाली करने की धमकियां देना शुरू कर दिया।
पुलिस पर पक्षपात और मारपीट का आरोप
पीड़िता के अनुसार, जब उन्होंने टोल फ्री नंबर और स्थानीय इकोटेक-3 थाने को इसकी सूचना दी, तो शुरुआत में पुलिस ने निष्पक्षता दिखाई। लेकिन कुछ ही दिनों बाद स्थानीय चौकी प्रभारी निशांत मलिक का रवैया बदल गया। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने भू-माफिया का समर्थन करते हुए वृद्ध महिला और उसकी बेटी के साथ बदसलूकी की। पीड़िता का दावा है कि एक दिन पुलिसकर्मी, भू-माफिया और अन्य लोगों ने मिलकर उनके घर का गेट तोड़ दिया और दिनदहाड़े सोने की चेन, कुंडल, करीब 50 हजार रुपये नकद, गैस सिलेंडर, चूल्हा और अन्य घरेलू सामान लूट लिया। इतना ही नहीं, मां-बेटी के साथ मारपीट भी की गई।
परिजनों से भी की गई मारपीट, झूठे केस में भेजा जेल
घटना की सूचना मिलने पर पीड़िता का बेटा कृष्ण और बहनोई संतोष कुमार थाने पहुंचे, जहां उनके साथ भी कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की गई। आरोप है कि इसके बाद दोनों महिलाओं को झूठे मामले में जेल भेज दिया गया। कई दिनों बाद भारी मशक्कत के बाद जमानत पर रिहाई मिली। पीड़िता ने बताया कि थाने से रिहा होने के बाद भी उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही थीं कि वे अपने घर और जमीन के आसपास भी नजर न आएं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने लिया संज्ञान
न्याय न मिलने पर सुशीला देवी ने अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्र से संपर्क किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को तत्काल जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए। ACP के निर्देश पर जब पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया तो अवैध रूप से बाउंड्री कर रहे आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विवादित जमीन पर कोई भी अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाए।
मानवीय सवाल खड़े करता मामला
फिलहाल भू-माफिया और आरोपी पक्ष मौके से गायब हैं, लेकिन वृद्ध महिला और उसकी पुत्री अब भी असुरक्षा और भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं। यह मामला न सिर्फ भू-माफिया की दबंगई, बल्कि पुलिस की भूमिका और मानवीय संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।पीड़िता को अब उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप से उसे न्याय मिलेगा और वह अपनी जिंदगी की आखिरी उम्र में शांति और सुरक्षा के साथ अपने घर में रह सकेगी।
बलमुकुंद की रिपोर्ट