Bihar STF encounter: आधी रात 17 संगीन मामलों के आरोपी को पुलिस ने दौड़ा कर मारी गोली, पुलिस और कुख्यात अपराधी के बीच मुठभेड़ से हड़कंप
Bihar STF encounter: बिहार में पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई।...
Bihar STF encounter: बिहार के वैशाली जिले में रविवार की देर रात पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। सदर थाना क्षेत्र के मरमला चौर में हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शातिर अपराधी राज नंदन उर्फ छोटू के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया और तत्काल इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चिकित्सकों की टीम उसका उपचार कर रही है।
17 संगीन आपराधिक कांडों में था आरोपी
पुलिस के हत्थे चढ़े घायल अपराधी की पहचान सदर थाना क्षेत्र के दिग्घी कला निवासी चंदेश्वर राम के पुत्र राज नंदन उर्फ छोटू के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छोटू लंबे समय से वैशाली और समस्तीपुर जिले की पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसके खिलाफ लूट, आर्म्स एक्ट समेत करीब 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को उसकी तलाश कई सनसनीखेज वारदातों में थी।
अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मास्टरमाइंड, कोर्ट से हुआ था फरार
बताया जाता है कि राज नंदन उर्फ छोटू समस्तीपुर जिले के चर्चित अनिल ज्वेलर्स लूटकांड का मुख्य आरोपी है। वर्ष 2025 में न्यायालय में पेशी के दौरान वह पुलिस अभिरक्षा को चकमा देकर समस्तीपुर कोर्ट परिसर से फरार हो गया था। इस दुस्साहसिक फरारी के बाद से ही वैशाली पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने बिछाया था घेराबंदी का जाल
पुलिस को रविवार की रात गुप्त सूचना मिली कि छोटू अपने गांव के समीप मरमला चौर में छिपकर किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा है। सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ और सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।इसी दौरान खुद को पुलिस से घिरा देखकर अपराधी ने पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी के बाद पुलिस जवानों ने मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में जा लगी और वह घायल हो गया।
मौके से हथियार बरामद, FSL ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य
मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद एसएसपी शुभांक मिश्रा और सदर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिसकर्मियों से ऑपरेशन की जानकारी ली। मौके से पुलिस ने हथियार भी बरामद किया है। वहीं, एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वैज्ञानिक जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं।फिलहाल पुलिस घायल अपराधी से पूछताछ और उसके आपराधिक नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मुठभेड़ से पहले वह किस बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था और उसके गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं। इस कार्रवाई को वैशाली पुलिस और एसटीएफ की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
रिपोर्ट-ऋषभ कुमार