Bihar Crime:जमीन के सौदे का बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाला निकला जदयू का नेता! 19.95 लाख की ठगी , ऐसे हुआ खेल का खुलासा

Bihar Crime: पुलिस ने जालसाजी के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जदयू के पूर्व जिला प्रवक्ता को गिरफ्तार कर लिया है।

जमीन के सौदे का बड़ा फर्जीवाड़ा करने वाला निकला जदयू का नेता!- फोटो : reporter

Bihar Crime: पुलिस ने जालसाजी के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुजफ्फरपुर के जदयू के पूर्व जिला प्रवक्ता कुमारेश्वर राय को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि उन्होंने गलत जमीन बेचकर एक महिला से 19 लाख 95 हजार रुपये की ठगी की और बाद में रकम लौटाने के नाम पर दिए गए दोनों चेक भी बाउंस हो गए। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और स्थानीय हलकों में खलबली मच गई है।

पूरा मामलावै शाली जिले के भगवानपुर थाना  क्षेत्र के सतपुरा गांव का है, जहां की रहने वाली मुन्नी देवी, पति सीताराम पासवान ने भगवानपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि कुमारेश्वर राय ने जमीन का सौदा करते वक्त कागजात में हेराफेरी की और ऐसी जमीन लिख दी, जिसका म्यूटेशन संभव ही नहीं था। जमीन की रजिस्ट्री के बाद जब दाखिल-खारिज नहीं हुआ, तब महिला को ठगी का एहसास हुआ।

पीड़िता के अनुसार, जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो कुमारेश्वर राय ने मामले को रफा-दफा करने के लिए दो चेक दिए एक 13 लाख रुपये का और दूसरा 10 लाख रुपये का। लेकिन दोनों ही चेक खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण बाउंस हो गए। इसके बाद आरोपी लगातार टालमटोल करने लगा और पैसे देने से साफ इनकार करने लगा।

न्याय की आस में मुन्नी देवी भगवानपुर थाना पहुंची, जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की। जांच के बाद भगवानपुर थाना कांड संख्या 304/25 दर्ज किया गया। केस दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया और पुलिस की पकड़ से बचने के लिए मुजफ्फरपुर जिले में छिपा बैठा था।

गुप्त सूचना के आधार पर भगवानपुर थाना अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सत्यार्थी और अपर थाना अध्यक्ष अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर कुमारेश्वर राय को दबोच लिया। गिरफ्तारी की पुष्टि सदर एसडीपीओ-02 गोपाल मंडल ने की है। उन्होंने बताया कि जालसाजी के मामले में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी खंगाल रही है कि कहीं इस तरह की ठगी के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। इस गिरफ्तारी के बाद जमीन के सौदों में फर्जीवाड़े को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार