Bihar Crime: प्रेम संबंध, आरोप और बेबसी, न्याय की तलाश में हार गई जिंदगी, युवती की संदिग्ध मौत पर सवाल

Bihar Crime:मोहब्बत के नाम पर धोखे और सिस्टम की खामोशी ने एक और ज़िंदगी निगल ली।...

इश्क का झांसा, इंसाफ का तमाशा!- फोटो : reporter

Bihar Crime:बिहार  में एक दर्दनाक दास्तां सामने आई है, जहां मोहब्बत के नाम पर धोखे और सिस्टम की खामोशी ने एक और ज़िंदगी निगल ली। वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के सिंघाड़ा रामराय गांव में पोखर से बरामद युवती का शव महज एक मौत नहीं, बल्कि कई सवालों का मंजर बन गया है।

मृतका की पहचान अंजली के रूप में हुई एक ऐसी युवती, जो इंसाफ की तलाश में दर-दर भटकती रही, लेकिन हर बार खाली हाथ लौटी। आखिरकार, जब फरियाद सुनने वाला कोई नहीं मिला, तो उसने पोखर में छलांग लगाकर अपनी जिंदगी का हिसाब खुद ही खत्म कर दिया।परिजनों का आरोप है कि अंजली के साथ इश्क के नाम पर साजिश का खेल खेला गया। आरोपी रंजीत पटेल ने पहले शादी का झांसा दिया, फिर उसे गर्भवती कर छोड़ दिया। इतना ही नहीं, परिवार का दावा है कि अंजली के बच्चे को भी गायब कर दिया गया अब यह आरोप कितना सच है, यह जांच का विषय है, लेकिन सवाल बड़ा है।

अंजली की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं, 7 साल पहले उसकी शादी बेलसर थाना क्षेत्र में हुई थी, दो बेटे थे, जिंदगी पटरी पर थी। लेकिन फिर रंजीत नाम का शख्स उसकी जिंदगी में आया और मोहब्बत के नाम पर ऐसा जाल बिछाया कि अंजली अपना घर-परिवार छोड़ बैठी।जब तक सब कुछ लुट नहीं गया, तब तक कानून की आंखों पर पट्टी बंधी रही। अंजली महीनों तक बिहार पुलिस के थानों के चक्कर काटती रही महुआ थाना हो या महिला थाना, हर जगह से उसे सिर्फ तसल्ली मिली, कार्रवाई नहीं।

अब जब मामला मौत तक पहुंच गया, तो जांच की बातें हो रही हैं। विक्रम सिहाग ने भरोसा दिलाया है कि अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आई, तो सख्त कार्रवाई होगी। लेकिन बड़ा सवाल अब भी वही है क्या यह आत्महत्या है या सिस्टम की धीमी हत्या? अंजली की मौत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब इंसाफ देर से आता है, तो कई बार वह सिर्फ कागजों में ही रह जाता है।

रिपोर्ट-ऋषभ कुमार