Bihar Crime:सगे भाई की गोली मारकर हत्या, पिस्टल के साथ आरोपी ने किया सरेंडर

Bihar Crime: वैशाली जिले में जमीन के झगड़े ने खूनी रूप ले लिया। ..

गोली मारकर हत्या- फोटो : reporter

Bihar Crime: वैशाली जिले में जमीन के झगड़े ने खूनी रूप ले लिया। करताहा थाना क्षेत्र के धनुषी गांव में जमीन विवाद को लेकर सगे भाई की गोली मारकर हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सोमनाथ सिंह के रूप में हुई है, जबकि हत्या के आरोपी उनके सगे भाई सुरेश सिंह बताए जा रहे हैं, जो सेना के पूर्व जवान हैं। वारदात के बाद आरोपी ने कथित तौर पर पिस्टल के साथ हाजीपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वहीं, पुलिस ने मामले में आरोपी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया है।

लंबे समय से चल रहा था जमीन को लेकर विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरेश सिंह और सोमनाथ सिंह एक ही मकान में रहते थे, जबकि उनके तीसरे भाई कृष्णा सिंह ने अलग मकान बना रखा था। सुरेश और सोमनाथ के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे अरसे से तनातनी चल रही थी। विवाद को सुलझाने के लिए गांव में कई बार पंचायत भी बुलाई गई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इसी पुरानी अदावत के बीच हुई गोलीबारी में सोमनाथ सिंह की जान चली गई।

छह राउंड फायरिंग, तीन गोलियां लगने की बात

बताया जा रहा है कि घटना के दौरान कुल छह राउंड गोलियां चलाई गईं। इनमें से तीन गोलियां सोमनाथ सिंह को लगने की जानकारी सामने आई है। गोलीबारी की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल लाइसेंसी बताई जा रही है। हालांकि, हथियार और गोलीबारी से जुड़े तमाम तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही करताहा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी। पुलिस जमीन विवाद की पुरानी पृष्ठभूमि, गोलीबारी की परिस्थितियों और घटनाक्रम से जुड़े दूसरे पहलुओं की पड़ताल कर रही है। गांव में इस वारदात को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

पिस्टल के साथ हाजीपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण

वारदात के बाद आरोपी सुरेश सिंह ने हाजीपुर न्यायालय में पिस्टल के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अब हथियार की स्थिति, घटना में उसकी भूमिका और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है। आरोपी की पत्नी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में उसकी कथित भूमिका क्या रही।

पंचायत भी नहीं रोक सकी खूनी संघर्ष

इस घटना ने एक बार फिर जमीन के बंटवारे को लेकर पैदा होने वाले पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर किया है। गांव में पंचायत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश हुई, लेकिन विवाद का अंत हिंसा और हत्या के रूप में हुआ। फिलहाल पुलिस की जांच और न्यायालय की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ मामले की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार