Bihar Crime: खौफनाक षड्यंत्र का पर्दाफाश, आपसी रंजिश में रची गई थी ऐसे निर्दोष को सलाखों के पीछे भेजने की साजिश
Bihar Crime: वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां पुलिस की सूझबूझ और तत्परता ने एक निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली...
Bihar Crime: वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां पुलिस की सूझबूझ और तत्परता ने एक निर्दोष व्यक्ति की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। महिसौर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद और पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए एक चाय दुकानदार को फंसाने का खतरनाक खेल खेला गया था। हालांकि, खाकी की सतर्कता के आगे इन शातिर दिमाग बदमाशों के नापाक मंसूबे धरे के धरे रह गए और साजिशकर्ता खुद कानून के शिकंजे में फंस गए।
कट्टा रखकर पुलिस को दी थी झूठी सूचना
पूरा घटनाक्रम महिसौर थाना क्षेत्र का है, जहां राजा कुमार और गुड्डू कुमार नामक दो युवकों ने दुर्भावना वश चाय दुकानदार जयराम सहनी की दुकान में अवैध हथियार (देशी कट्टा) रखवा दिया और खुद ही पुलिस को इसकी सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और तुरंत छापेमारी कर चाय की दुकान से एक देशी कट्टा तथा 24 खोखे बरामद कर लिए। पहली नजर में मामला दुकानदार की संलिप्तता का लग रहा था, लेकिन महिसौर पुलिस ने सतही कार्रवाई करने के बजाय गहराई से तहकीकात करने का निर्णय लिया।
पुलिस की पूछताछ में हुआ 'दूध का दूध, पानी का पानी'
जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए चाय दुकानदार जयराम सहनी से कड़ाई से पूछताछ की, तो परत-दर-परत सच्चाई सामने आने लगी। पुलिस को पता चला कि सूचना देने वाले दोनों युवक आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनका कुछ दिन पूर्व ही जयराम सहनी के साथ विवाद एवं मारपीट हुई थी। उसी अपमान और पुरानी खुन्नस का बदला लेने के लिए इन दोनों ने मिलकर यह शातिर जाल बुना था ताकि दुकानदार पर आर्म्स एक्ट का झूठा मामला दर्ज हो सके और वह जेल चला जाए।सच्चाई सामने आते ही पासा पलट गया; पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए साजिश रचने वाले दोनों युवकों—राजा कुमार और गुड्डू कुमार को गिरफ्तार कर लिया। महुआ एसडीपीओ ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त गुड्डू कुमार का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पूर्व में भी शराब के एक मामले में जेल जा चुका है।
खाकी की सक्रियता बनी वरदान
यदि पुलिस ने इस मामले में केवल बरामदगी के आधार पर जल्दबाजी दिखाई होती, तो एक निर्दोष चाय दुकानदार का जीवन बर्बाद हो जाता और वह लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहता। लेकिन महिसौर पुलिस की पैनी नजर और पेशेवर तफ्तीश ने समय रहते इस गहरी साजिश को बेनकाब कर दिया। अब साजिश रचने वाले दोनों मुजरिम खुद सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं, जो समाज में असामाजिक तत्वों के लिए एक कड़ा संदेश है।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार