Bihar Police Raid: आधी रात को डीएम का ताबड़तोड़ एक्शन, प्रतिबंधित नशीली वायल्स के साथ तस्कर गिरफ्तार

Bihar Police Raid: नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी और खौफनाक कार्रवाई को अंजाम दिया है।...

आधी रात को डीएम का ताबड़तोड़ एक्शन- फोटो : reporter

Bihar Police Raid: बिहार के वैशाली जिले में नशे के अवैध कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बहुत बड़ी और खौफनाक कार्रवाई को अंजाम दिया है। खुद जिलाधिकारी वर्षा सिंह के नेतृत्व में आधी रात को की गई इस छापेमारी से नशा माफियाओं में हड़कंप मच गया है। मौके से प्रतिबंधित नशीली दवाओं की भारी खेप बरामद करते हुए मुख्य आरोपी मिथिलेश राय को दबोच लिया गया है।

वैशाली को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के तहत जिला प्रशासन ने देर रात एक गुप्त ठिकाने पर धावा बोला। इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डीएम वर्षा सिंह खुद आधी रात को घटनास्थल पर पहुंच गईं। उनके साथ सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार, एसडीओ विशाल कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर और भारी पुलिस बल मौजूद था।

989 प्रतिबंधित नशीली वायल्स बरामद की गईं, जिनमें ट्रामाडोल और बुप्रेनॉर्फिन जैसे खतरनाक और प्रतिबंधित सक्रिय तत्व पाए गए हैं। मौके से 40 सिरिंज और 50 हैंड ग्लव्स भी जब्त किए गए, जिससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि वहां अवैध तरीके से इंजेक्शन और नशीली दवाओं का सेवन/वितरण किया जा रहा था। इसके अलावा 8 मोबाइल फोन और 39,900 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

वैशाली को नशे के अवैध कारोबार से मुक्त कराने के अभियान के तहत खुद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने कार्रवाई का नेतृत्व कियाा। उनके साथ सदर एसडीपीओ सुबोध कुमार, एसडीओ विशाल कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर और पुलिस बल की टीम मौजूद थी।छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप मिलने से प्रशासन की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। अधिकारियों ने मौके से बरामद सामान को जब्त कर लिया और आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मिथिलेश राय को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर NDPS एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

डीएम वर्षा सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वैशाली की धरती पर नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन इस बात की गहन जांच कर रहा है कि प्रतिबंधित दवाओं की यह भारी-भरकम खेप आखिर कहां से सप्लाई होकर आ रही थी, इस सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है और इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना फैला हुआ है। जांच के दायरे में स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का जोर ऐसे कारोबार पर लगाम लगाने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने पर है।

रिपोर्ट- ऋषभ कुमार