Munna Shukla:...का भतीजा हूं, चीर दूंगा... लालगंज स्टेशन पर मुन्ना शुक्ला का नाम लेकर धमकी, स्टेशन मास्टर की फिसली जुबान , अब जांच के घेरे में मामला
एक व्यक्ति खुद को कुख्यात नाम मुन्ना शुक्ला का भतीजा बताकर कुछ युवकों को खुलेआम धमकाते नजर आ रहा है। ....
Munna Shukla: बिहार के वैशाली जिले में इन दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसने रेलवे प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक को सकते में डाल दिया है। वीडियो में एक व्यक्ति खुद को कुख्यात नाम मुन्ना शुक्ला का भतीजा बताकर कुछ युवकों को खुलेआम धमकाते नजर आ रहा है। “चीर दूंगा” जैसे आपराधिक लफ्जों ने इस वीडियो को और सनसनीखेज बना दिया। पड़ताल में सामने आया कि यह शख्स कोई गैंगस्टर नहीं, बल्कि लालगंज रेलवे स्टेशन का स्टेशन मास्टर मनोज कुमार है।वीडियो की पुष्टि न्यूज4नेशन नहीं करता है।
हकीकत सामने आने के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि स्टेशन मास्टर मनोज कुमार का मुन्ना शुक्ला से कोई रिश्ता नहीं है। यानी धमकी पूरी तरह फर्जी पहचान और दहशत फैलाने की नीयत से दी गई थी। बताया जा रहा है कि यह वीडियो चार-पांच दिन पुराना है, जब लालगंज पकड़ी स्टेशन पर कुछ युवक मोटरसाइकिल से बार-बार चक्कर काट रहे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवकों का व्यवहार स्टेशन परिसर में आपत्तिजनक था। स्टेशन मास्टर ने नियम-कानून का हवाला देते हुए बाइक चलाने से मना किया, लेकिन युवक उल्टा उनसे उलझ गए। काफी समझाने के बावजूद जब बात नहीं बनी और माहौल बिगड़ने लगा, तो स्टेशन मास्टर की जुबान फिसल गई। गुस्से और दबाव में उन्होंने खुद को “मुन्ना शुक्ला का भतीजा” बताते हुए संगीन अंजाम की धमकी दे डाली। नाम सुनते ही युवक डर गए और मौके से भाग खड़े हुए।
लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। वीडियो वायरल होते ही स्टेशन मास्टर की मुश्किलें बढ़ गईं। मीडिया ने जब उनसे संपर्क करना चाहा, तो वे स्टेशन पर मौजूद नहीं थे। बाद में फोन पर बातचीत में मनोज कुमार ने स्वीकार किया कि उन्होंने युवकों को डराने के लिए ऐसा कहा था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उनका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। उनका तर्क था कि अगर वे पुलिस कार्रवाई करते, तो उन युवकों का करियर खराब हो सकता था, इसलिए डराकर भगाना बेहतर समझा।
इस पूरे प्रकरण पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोपाल मंडल ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला सिर्फ एक धमकी का नहीं, बल्कि कानून के नाम पर कानून तोड़ने की मानसिकता का आईना है। सवाल यह है कि क्या सरकारी पद पर बैठे लोग भी डर और धौंस की भाषा बोलेंगे, या कानून का रास्ता अपनाएंगे? अब सबकी नजर पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
रिपोर्ट- ऋषभ कुमार