सरकार का बड़ा फैसला: बेसहारा बच्चों को अब 4,000 के बजाय मिलेंगे 6,000 रुपये; बिहार के हजारों बच्चों को लाभ

केंद्र सरकार ने बेसहारा और एकल अभिभावक वाले बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना की राशि को 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है, जिससे बिहार के करीब 12 हजार से अधिक बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।

Patna - केंद्र सरकार ने बाल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्पॉन्सरशिप योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में भारी बढ़ोतरी की है। अब एकल परिवार या कमाने वाले अभिभावक को खो चुके बच्चों को प्रतिमाह 6,000 रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इससे पहले यह राशि 4,000 रुपये निर्धारित थी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में जी रहे बच्चों की पढ़ाई और परवरिश को सुनिश्चित करना है।

बाल संरक्षण के लिए केंद्र और राज्य की साझा पहल

स्पॉन्सरशिप योजना का संचालन केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से होता है। इसमें कुल राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करती है। वर्ष 2014 से लागू इस योजना का लक्ष्य उन बच्चों को परिवार के साथ सुरक्षित वातावरण में रखना है, जो आर्थिक तंगी के कारण मुख्यधारा से कट सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा महंगाई को देखते हुए राशि बढ़ाने का यह निर्णय अत्यंत आवश्यक था।

इन बच्चों को मिलेगा बढ़ी हुई राशि का सीधा लाभ

योजना के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है जिन्होंने अपने माता-पिता या घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य को खो दिया है। इसके अलावा:

  • गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चे।
  • ऐसे बच्चे जिनकी देखभाल करने में परिवार पूरी तरह असमर्थ है।
  • एकल अभिभावक वाले परिवारों के बच्चे, जहां एक ही व्यक्ति पर पूरे पालन-पोषण की जिम्मेदारी है।

बिहार में 12 हजार बच्चों के लिए नई उम्मीद

बिहार में इस योजना का लाभ वर्तमान में लगभग 12 हजार बच्चे उठा रहे हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, सहायता राशि में 2,000 रुपये की वृद्धि होने से अब और भी अधिक जरूरतमंद बच्चों को इस दायरे में लाया जा सकेगा। केंद्र से औपचारिक निर्देश प्राप्त होते ही बिहार में नई दरों पर भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा के स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।