बड़ी राहत, 29 अप्रैल तक नहीं बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमत ! कारण बेहद खास

दुनिया के कई देशों ने बढ़ती लागत के अनुरूप ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की है, लेकिन भारत में अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। 29 अप्रैल तक इसे लेकर बड़ी राहत की उम्मीद है.

price of petrol, diesel and gas- फोटो : news4nation

पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों में बढ़ोत्तरी को लेकर चिंताग्रस्त लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। देश में 29 अप्रैल तक तेल की कीमतों के बढने के आसार नहीं है. खाड़ी क्षेत्र में 28 फरवरी से जारी संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, जिससे भारतीय तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बढ़कर 136 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है, जो कुछ ही हफ्तों में करीब 90 फीसदी की वृद्धि को दर्शाता है।


इस तेजी का असर देश की प्रमुख तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation, HPCL, BPCL और Reliance Industries—पर पड़ रहा है। पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को फिलहाल स्थिर रखने के कारण इन कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ रहा है और नुकसान की आशंका बढ़ती जा रही है। 


दुनिया के कई देशों ने बढ़ती लागत के अनुरूप ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की है, लेकिन भारत में अभी तक ऐसा नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार फिलहाल कीमतों में बदलाव के पक्ष में नहीं है, क्योंकि वह राजस्व संतुलन बनाए रखना चाहती है और वित्तीय वर्ष के अंत तक कोई बड़ा फैसला लेने की संभावना कम है।


राजनीतिक कारण भी इस निर्णय के पीछे अहम भूमिका निभा रहे हैं। भारत के कई राज्यों—असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी कर राजनीतिक जोखिम नहीं लेना चाहती। सियासी जानकारों की माने तो पहले भी यह देखने को मिला है कि जब देश में कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव रहा तब केंद्र सरकार ने तेल और गैस की कीमतों में इजाफा नहीं किया. ऐसे में एक बार फिर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव के कारण यह माना जा रहा है कि पेट्रोल-डीजल-गैस की कीमतों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी. गौरतलब है कि 9 अप्रैल को असम, केरल और पुडुचेरी में चुनाव है. वहीं 23 अप्रैल को तमिलनाडु में जबकि 23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में चुनाव है. 


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 3.7 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई हैं। वहीं ब्रेंट और अन्य प्रमुख कच्चे तेल के दामों में भी तेज वृद्धि देखी जा रही है, जिससे आयात पर निर्भर देशों—जैसे भारत—की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक चुनावी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना कम है। चुनावों के बाद ही सरकार और तेल कंपनियां कीमतों पर कोई बड़ा निर्णय ले सकती हैं।