Earthquake News: सुबह सुबह भूकंप के झटके, दिल्ली-NCR में इतनी तीव्रता से डोली धरती, लोगों में फैली दहशत

Earthquake News: दिल्ली एनसीआर में सुबह सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती के डोलने से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल कायम हो गया है। लोग घरों से बाहर निकलने लगे। हालांकि फिलहाल किसी नुकसान की जानकारी नहीं मिली है।

सुबह सुबह डोली धरती - फोटो : social media

Earthquake News: भूकंप के झटके अकसर लोगों को डरा देती है। जानकारी अनुसार आज सुबह यानी सोमवार की सुबह राजधानी दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। हालांकि झटके हल्के थे इसलिए कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन लोगों में दहशत का माहौल कायम हो गया है। ठंड में सुबह उठकर सभी लोग अपने अपने कामों में लगे थे तभी धरती डोली जिससे थोड़े समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। जानकारी अनुसार दिल्ली एनसीआर, सोनीपत और आसपास के इलाकों जैसे रोहतक, झज्जर के कुछ हिस्सों में भी भूकंप को महसूस किया गया।

सुबह सुबह डोली धरती 

जानकारी अनुसार दिल्ली में सोमवार सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। सुबह 8 बजकर 44 मिनट पर धरती हिली, जिससे कुछ देर के लिए लोगों में दहशत का माहौल बन गया। हालांकि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नॉर्थ दिल्ली में था। जमीन से करीब 5 किलोमीटर नीचे हलचल हुई, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.8 मापी गई। 

लोगों में फैली दहशत 

विशेषज्ञों के मुताबिक इसे निम्न दर्जे का भूकंप माना जाता है और इतनी कम तीव्रता के झटकों से आमतौर पर नुकसान की आशंका नहीं होती। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है और इसे सिस्मिक जोन-IV में रखा गया है, जहां मध्यम तीव्रता के भूकंप की संभावना बनी रहती है। ऐसे में हल्की कंपन भी लोगों को सिहरा देती है।

पिछले साल भी कई बार हिली थी दिल्ली की धरती

बीते वर्ष 17 फरवरी को दिल्ली में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र धौला कुआं के पास था। इसके अलावा 10 जुलाई को हरियाणा के झज्जर में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी कंपन दिल्ली तक महसूस की गई थी। वहीं 16 अप्रैल को अफगानिस्तान में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप का असर भी राजधानी तक पहुंचा था।

क्यों आते हैं हल्के भूकंप

विशेषज्ञों के अनुसार पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार खिसकती रहती हैं। जब भीतर जमा दबाव धीरे-धीरे बाहर निकलता है तो हल्के भूकंप के झटके महसूस होते हैं। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कई छोटी फॉल्ट लाइन्स मौजूद हैं, जिसकी वजह से यहां 2 से 4 तीव्रता के झटके समय-समय पर आते रहते हैं।

तीव्रता के अनुसार असर

तीव्रता                                    प्रभाव 

0 - 1.9    -     केवल सीस्मोग्राफ द्वारा पता चलता है, महसूस नहीं होता।

2.0 - 2.9   -   हल्का कंपन, जो अक्सर महसूस नहीं होता।

3.0 - 3.9    -  घर के अंदर लोग महसूस कर सकते हैं, जैसे पास से कोई भारी ट्रक गुजरा हो।

4.0 - 4.9 -      खिड़कियां खड़खड़ाने लगती हैं, बर्तन गिर सकते हैं। सामान हिलने लगता है।

5.0 - 5.9   -    खतरनाक: कमजोर इमारतों को नुकसान पहुँच सकता है। फर्नीचर हिल जाता है।

6.0 - 6.9  -     बहुत खतरनाक: आबादी वाले क्षेत्रों में भारी नुकसान। इमारतें गिर सकती हैं।

7.0 - 7.9  -     विनाशकारी: इमारतों की नींव हिल जाती है, जमीन में दरारें आ सकती हैं।

8.0 या अधिक-   अत्यंत विनाशकारी: बड़े इलाके पूरी तरह तबाह हो सकते हैं, सुनामी का खतरा। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।