Women Reservation: अब 'लॉटरी' तय करेगी महिलाओं की किस्मत! संसद में कैसे होगा सीटों का फैसला, जानिए 15 साल वाला नियम

Women Reservation: देश में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा बदलाव संभव है। केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव से ही 33 फीसदी महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए कानून में संशोधन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है और विपक्षी दलों से सहमति बनाने की

महिला आरक्षण कब होगा लागू - फोटो : social media

Women Reservation:  देश में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में केंद्र सरकार एक क्रांतिकारी ब्लूप्रिंट तैयार कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटों का निर्धारण लॉटरी के माध्यम से किया जा सकता है। यह आरक्षण शुरुआत में 15 वर्षों के लिए प्रभावी होगा, जिसके बाद संसद इसकी समीक्षा करेगी। लॉटरी में जिस भी सीट पर महिला आरक्षण लागू होगा वो 15 साल के लिए लागू रहेगा। 

2029 में हो सकता है लागू 

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, केंद्र सरकार 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। अब योजना है कि इसे 2034 के बजाय 2029 के लोकसभा चुनाव से ही लागू कर दिया जाए। सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव के लिए संशोधन विधेयक पहले कैबिनेट में पेश किया जाएगा और मंजूरी मिलने के बाद संसद के दोनों सदनों में पारित कराया जाएगा। सरकार इसके लिए विपक्षी दलों की सहमति जुटाने में भी लगी है।

कैसे लागू होगा महिला आरक्षण?

नई व्यवस्था के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। इसके बाद कुल सीटों में 33 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, आरक्षित सीटों का चयन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा। जिन सीटों को महिला आरक्षण के लिए चुना जाएगा, वहां यह व्यवस्था 15 वर्षों तक लागू रहेगी, इसके बाद रोटेशन होगा।

SC/ST सीटों पर भी लागू होगा आरक्षण

महिला आरक्षण वर्टिकल तरीके से लागू किया जाएगा। यानी अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी 33 फीसदी हिस्सा महिलाओं के लिए तय होगा। नई प्रस्तावित व्यवस्था में SC सीटें 84 से बढ़कर 136 और ST सीटें 47 से बढ़कर 70 होने की संभावना है। इस मुद्दे पर सहमति बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विभिन्न विपक्षी नेताओं से बातचीत की। बैठक में डिंपल यादव, सुप्रिया सुले, संजय राउत और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेता शामिल रहे।

महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी 

सूत्रों के अनुसार, टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करने के संकेत दिए हैं, क्योंकि सरकार 2011 की जनगणना को आधार मानकर सीटों का निर्धारण करने की तैयारी में है। कुल मिलाकर, अगर यह संशोधन पारित होता है तो 2029 का लोकसभा चुनाव देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है, जहां महिलाओं की भागीदारी पहले से कहीं अधिक देखने को मिलेगी।