Vehicle Location Tracking & Panic Button Mandatory: यात्री सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा कदम, जारी किया आदेश!

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने सार्वजनिक सेवा वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। ऑटो, ई-रिक्शा और बाइक को इससे छूट मिलेगी। पूरी रिपोर्ट और नियम विस्तार से पढ़ें

सार्वजनिक सेवा वाहनों में पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) अनिवार्य करने का निर्देश- फोटो : news 4 nation AI

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 के तहत सार्वजनिक सेवा वाहनों में पैनिक बटन (आपातकालीन बटन) और लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाने को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। मंत्रालय के अवर सचिव परवीन कुमार द्वारा 11 अगस्त 2026 को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों व परिवहन आयुक्तों को पत्र भेजकर इन नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है।


सार्वजनिक सेवा वाहनों में VLTD और पैनिक बटन अनिवार्य

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि CMVR, 1989 के नियम 125H के तहत सभी 'सार्वजनिक सेवा वाहनों' (PSV) में AIS-140 मानकों के अनुरूप व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और कम से कम एक आपातकालीन (पैनिक) बटन लगाना अनिवार्य है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत इसमें मैक्सिकैब, मोटरकैब, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और स्टेज कैरिज शामिल हैं। हालांकि, सुरक्षा और सुविधा के इस नियम से दोपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और तिपहिया वाहनों को छूट दी गई है।

नेशनल परमिट वाहनों के लिए नियमों में स्थिति स्पष्ट

पत्र में नियम 90 के प्रावधानों का उल्लेख करते हुए नेशनल परमिट वाले वाहनों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की गई है। इसके अनुसार, सभी राष्ट्रीय परमिट (National Permit) वाले वाणिज्यिक वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग उपकरण (VLTD) लगाना अनिवार्य रहेगा। हालांकि, नियम 90 के अंतर्गत आने वाले इन वाहनों में आपातकालीन/पैनिक बटन लगाना mandatory (अनिवार्य) नहीं होगा।


राज्यों को कड़ाई से नियम लागू करने के निर्देश

केंद्रीय मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन विभागों से अनुरोध किया है कि वे इन वैधानिक प्रावधानों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराएं। इस कदम से यात्री सुरक्षा—विशेषकर महिला सुरक्षा को मजबूत करने और वाणिज्यिक व सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

धीरज पराशर की रिपोर्ट