BJP New Team: भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का ऐलान, बिहार से न कोई उपाध्यक्ष, न महामंत्री, सिर्फ तीन को मिली जिम्मेदारी

BJP New Team: भाजपा राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया गया है. हालाँकि इसमें बिहार से किसी को उपाध्यक्ष या महामंत्री का पद नहीं मिला है......पढ़िए आगे

नितिन की नई टीम में बिहार - फोटो : SOCIAL MEDIA

New Delhi : भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई सूची जारी होने के साथ ही बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालाँकि इस पूरी प्रक्रिया और संगठनात्मक फेरबदल के केंद्र में बिहार के नेता नितिन नवीन रहे, लेकिन 65 सदस्यों वाली इस विशाल राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बिहार के सिर्फ तीन नेताओं को स्थान मिल पाया है। अब चर्चा की जा रही है कि बिहार जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य को इस बार अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका।

नई राष्ट्रीय टीम की संरचना में बिहार से किसी भी वरिष्ठ नेता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष या राष्ट्रीय महामंत्री जैसे शीर्ष संगठनात्मक पदों पर जगह नहीं मिली है। शीर्ष नेतृत्व के इन मुख्य पदों पर बिहार का प्रतिनिधित्व शून्य रहने से प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक आश्चर्यचकित हैं। पार्टी के कई कद्दावर नेताओं के नामों की चर्चा होने के बावजूद शीर्ष श्रेणी में जगह न मिलना एक चर्चा का विषय बन गया है। बिहार से शामिल किए गए तीनों नेताओं को तुलनात्मक रूप से जूनियर और सहयोगी स्तर की जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष रहे सिद्धार्थ शंभू को राष्ट्रीय मंत्री का पद दिया गया है, जो इस सूची में बिहार के किसी नेता को मिला सबसे प्रमुख पद है। वहीं दूसरी ओर, ऋतुराज सिन्हा को प्रकोष्ठ संकुल का सह-संयोजक बनाया गया है, जबकि शिवेश राम को अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संगठनात्मक स्तर पर पदों का यह बंटवारा इसलिए भी सुर्खियाँ बटोर रहा है क्योंकि नितिन नवीन स्वयं बिहार की राजनीति से आते हैं और उनके नेतृत्व वाली टीम में बिहार का सीमित प्रभाव देखा जा रहा है। अन्य राज्यों के तुलनात्मक प्रतिनिधित्व को देखते हुए यह माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान ने इस बार क्षेत्रीय संतुलन और आगामी अन्य राज्यों के चुनावी समीकरणों को प्राथमिकता दी है, जिसके चलते बिहार का कोटा सीमित रह गया।

इस नई घोषणा के बाद अब बिहार भाजपा के अंदरूनी समीकरणों और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। देखना होगा कि राष्ट्रीय टीम में सीमित जगह मिलने के बाद प्रदेश स्तर पर कार्यकर्ताओं का उत्साह कैसे बनाए रखा जाता है और पार्टी आने वाले समय में बिहार के संगठनात्मक ढांचे में किस तरह के नए बदलाव या नियुक्तियाँ करती है।