PM Modi Award : उज्बेकिस्तान में PM मोदी को मिला सर्वोच्च सम्मान, ओवैसी बोले- जहां से बाबर आए, वहीं से ले लिया अवार्ड, BJP वालों को मुबारकबाद'

PM Modi Award : पीएम मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सम्मान को लेकर देश में नई सियासी बहस छिड़ चुकी है... AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम के मिले सम्मान पर तंज कसा है...पढ़िए आगे

ओवैसी ने पीएम पर कसा तंज - फोटो : SOCIAL MEDIA

N4N DESK : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान उन्हें वहां के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ओली दाराजाली दोस्तलिक' (Oliy Darajali Dustlik) से नवाजा गया। उज्बेक भाषा में इस सम्मान का अर्थ 'सर्वोच्च स्तर की मित्रता' होता है, जो किसी मित्र देश के प्रमुख नेता को प्रगाढ़ द्विपक्षीय संबंधों के लिए दिया जाता है। पीएम मोदी को दुनिया भर के देशों से लगातार मिल रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की श्रृंखला में यह एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

हालांकि, इस वैश्विक सम्मान के मिलते ही भारत में राजनीति गरमा गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पुरस्कार को लेकर भारतीय जनता पार्टी और संघ परिवार पर कड़ा तंज कसा है। ओवैसी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए इतिहास के पन्नों को पलटा और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक संदर्भों को जोड़ते हुए सत्ता पक्ष की विचारधारा और विदेश नीति के रुख पर सवाल खड़े किए।

ओवैसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखने वाला शासक बाबर इसी उज्बेकिस्तान की फरगना घाटी से आया था। उन्होंने भाजपा को व्यंग्यात्मक लहजे में बधाई देते हुए कहा कि संघ परिवार और भाजपा के लोग जिस बाबर को लगातार कोसते रहते हैं और उसके नाम पर बयानबाजी करते हैं, आज उसी के गृह देश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है।

ओवैसी ने आगे कहा कि संघ परिवार के सदस्यों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्थकों को इस पूरे घटनाक्रम पर गहराई से सोचना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि उज्बेकिस्तान द्वारा प्रधानमंत्री को यह बड़ा सम्मान दिए जाने के बाद अब भाजपा और आरएसएस के नेता भविष्य में बाबर और उसके इतिहास के बारे में उस तरह की आक्रामक और नकारात्मक बातें करना बंद करेंगे जैसी वे अब तक करते आए हैं।

गौरतलब है कि फरगना घाटी मध्य एशिया की एक विशाल भौगोलिक और ऐतिहासिक घाटी है, जिसका अधिकांश भाग वर्तमान उज्बेकिस्तान में आता है। भारत के इतिहास में दर्ज तथ्यों के अनुसार, इसी क्षेत्र से आए बाबर ने भारत में मुगलिया सल्तनत की स्थापना की थी। ओवैसी के इस तीखे बयान ने प्रधानमंत्री के इस कूटनीतिक सम्मान को देश के आंतरिक राजनीतिक और ऐतिहासिक बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है।