राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत, ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी पर मानहानि केस की सुनवाई पर रोक

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी।

Chowkidar Chor Hai Defamation Case- फोटो : news4nation

Rahul Gandhi :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार को महाराष्ट्र की निचली अदालत में चल रही मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही, बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। 


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही स्थगित रहेगी। हालांकि, इससे राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला समाप्त नहीं हुआ है; इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। 


बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती

राहुल गांधी ने बॉम्बे हाई कोर्ट के 8 सितंबर 2026 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले को रद्द करने से इनकार कर दिया था। यह मामला वर्ष 2019 में जारी मजिस्ट्रेट अदालत के समन से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने कहा था कि इस स्तर पर निचली अदालत की कार्यवाही में हस्तक्षेप करने का पर्याप्त आधार नहीं है। राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। शीर्ष अदालत ने याचिका पर संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और मामले की आगे सुनवाई चार सप्ताह बाद किए जाने का संकेत दिया है। 


क्या है पूरा मामला?

यह विवाद वर्ष 2018 में राजस्थान में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। उस समय राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज थे। राहुल गांधी ने रैली में ‘हिंदुस्तान का चौकीदार चोर है’ का नारा लगाया था। इसके बाद 24 सितंबर 2018 को उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री को लेकर ‘Commander-in-Thief’ टिप्पणी भी की थी। 


भाजपा कार्यकर्ता महेश एच. श्रीश्रीमल ने इन टिप्पणियों को मानहानिकारक बताते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची। इसके आधार पर मुंबई के गिरगांव स्थित मजिस्ट्रेट अदालत ने 28 अगस्त 2019 को राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 500 के तहत मानहानि की कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया था। 


राहुल गांधी ने इस आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए मामले को रद्द करने की मांग की थी। उनकी ओर से दलील दी गई थी कि शिकायतकर्ता कथित टिप्पणी से सीधे तौर पर प्रभावित व्यक्ति नहीं हैं और शिकायत का इस्तेमाल उन्हें परेशान करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, हाई कोर्ट ने 8 सितंबर 2026 को उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां अब निचली अदालत की कार्यवाही पर अंतरिम रोक मिल गई है। 

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के आदेश से राहुल गांधी को निचली अदालत में चल रही कार्यवाही से अंतरिम राहत मिली है। मामले की मेरिट पर अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है। महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता के जवाब के बाद सुप्रीम कोर्ट में आगे की सुनवाई होगी।