बकरीद से पहले गोहत्या पर बैन की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- “अब याद आया?”, याचिका ख़ारिज

याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से दायर की गई है, जिसे न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज किया है बल्कि सख्त टिप्पणी भी की है.

cow slaughter in Bakrid- फोटो : news4nation

Cow slaughter:  सुप्रीम कोर्ट ने बकरीद से पहले गोहत्या पर रोक लगाने वाले कानूनों को सख्ती से लागू कराने की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस Joymalya Bagchi की पीठ ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग को खारिज करते हुए कहा, “आपको यह एक दिन पहले याद आया। कोई जल्दबाजी नहीं है। धन्यवाद।”


दरअसल, अधिवक्ता बरुण कुमार सिन्हा ने अदालत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि बकरीद में अब केवल दो दिन बचे हैं, इसलिए याचिका पर जल्द सुनवाई की जाए। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि मामले को बुधवार को सूचीबद्ध किया जाए।


यह जनहित याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल की ओर से दायर की गई है। याचिका में देशभर में गोहत्या विरोधी कानूनों को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की गई है। साथ ही राज्य सरकारों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे कानून के अनुसार बूचड़खानों को नियमित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करें।


याचिका में कहा गया है कि गाय और गोवंश की अवैध हत्या रोकने के लिए राज्यों को सख्त कदम उठाने चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।