समस्तीपुर BRC में कथित वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, जांच टीम बनी लेकिन अब तक न रिपोर्ट आई, न कार्रवाई
समस्तीपुर BRC में सर्विस बुक, HRA, बकाया भुगतान और अवकाश जैसे कामों को लेकर शिक्षकों ने लगाए गंभीर आरोप; DEO कामेश्वर प्रसाद ने बनाई जांच टीम, लेकिन रिपोर्ट और कार्रवाई अब भी लंबित
Samastipur BRC News: समस्तीपुर प्रखंड संसाधन केंद्र (BRC) की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षकों के एक संगठन की शिकायत के बाद BRC में कथित अनियमितता, काम में देरी और काम के बदले पैसे मांगने के आरोपों की जांच शुरू की गई है। शिकायत में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) समेत BRC से जुड़े कुछ कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद ने जांच टीम का गठन किया है। लेकिन शिकायत के बाद जांच शुरू होने के बावजूद अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। ऐसे में शिक्षकों के बीच जांच के नतीजे को लेकर इंतजार बना हुआ है।
शिक्षक संघ की शिकायत के मुताबिक BRC में शिक्षकों के रोजमर्रा से जुड़े कई विभागीय काम लंबे समय से लंबित हैं। आरोप है कि सर्विस बुक में सुधार, HRA से जुड़े मामले, बकाया राशि का भुगतान, मातृत्व अवकाश, चाइल्ड केयर लीव और अन्य अवकाश संबंधी कार्यों को लेकर शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि कुछ मामलों में काम कराने के लिए कथित तौर पर पैसे की मांग की जाती है। हालांकि, विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मामले में शिक्षकों की सर्विस बुक का मुद्दा भी प्रमुख है। संघ का दावा है कि सर्विस बुक पर हस्ताक्षर और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के लिए कैंप आयोजित किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई शिक्षकों की समस्या का समाधान नहीं हुआ।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि बड़ी संख्या में सर्विस बुक BRC में पड़ी हुई हैं और शिक्षक अपने काम के लिए बार-बार कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
शिकायत में BRC में प्रतिनियुक्त शिक्षकों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। संघ का आरोप है कि कुछ शिक्षकों को लंबे समय से BRC में प्रतिनियुक्त कर रखा गया है और उनके माध्यम से शिक्षकों से जुड़े विभागीय कार्यों का संचालन किया जा रहा है।
शिकायत में प्राथमिक विद्यालय मधुबन चौक, खानपुर के प्रधान शिक्षक यशवंत भारती का भी उल्लेख किया गया है। संघ ने उनकी प्रतिनियुक्ति और BRC में कथित लेन-देन से जुड़ी भूमिका की जांच की मांग की है। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
BEO और लेखापाल की कार्यशैली भी सवालों के घेरे मेशिक्षक संघ की ओर से जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में BRC में पदस्थ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और लेखापाल की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
- DM तक भी पहुंची शिकाय मामला सिर्फ शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहा। कुछ शिक्षकों ने कथित अनियमितताओं को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा को भी आवेदन दिया है। इसके बाद मामले को लेकर विभागीय स्तर पर हलचल बढ़ी है।
अब जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से जांच टीम गठित किए जाने के बाद शिक्षकों की नजर जांच रिपोर्ट पर है। हालांकि, जांच टीम के गठन के बावजूद अभी तक रिपोर्ट सामने नहीं आई है और कार्रवाई भी लंबित है।
फिलहाल BRC में कथित वसूली, शिक्षकों के काम में देरी और प्रतिनियुक्त कर्मियों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच टीम की रिपोर्ट कब आएगी और क्या रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय होगी? शिक्षकों की शिकायतों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि BRC की कार्यप्रणाली में वास्तव में किस स्तर पर अनियमितता हुई और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।( सोर्स)