Bihar Teacher Transfer: बिहार में अप्रैल से बदलेगा टीचरों के तबादले का नियम, 6 लाख शिक्षकों को होगा नई ट्रांसफर पॉलिसी से लाभ

Bihar Teacher Transfer: बिहार में स्कूल शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है।...

शिक्षकों के ट्रांसफर की नई पॉलिसी - फोटो : X

Bihar Teacher Transfer: बिहार में स्कूल शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव होने जा रहा है। शिक्षा महकमे ने सभी कोटि के शिक्षकों के तबादले की मौजूदा नियमावली में अहम संशोधन का खाका तैयार कर लिया है। इत्तिला है कि मार्च महीने में इस संशोधित नियमावली को अंतिम रूप देकर राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही अप्रैल से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी और जून में बड़े पैमाने पर तबादलों की कार्रवाई शुरू होगी।

बता दें विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले भी तबादला नीति का मसौदा कैबिनेट में पेश किया गया था, लेकिन कई तकनीकी खामियों और एतराजों की वजह से उसे लौटा दिया गया। उस प्रारूप में नियुक्ति की तारीख से अगले पांच साल तक किसी भी शिक्षक का दूसरे विद्यालय में ट्रांसफर न करने का प्रावधान था। इस सख्त शर्त के खिलाफ शिक्षक संगठनों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया था।

अब विभाग तीन साल की अवधि तय करने पर मंथन कर रहा है। यानी नियुक्ति के बाद तीन वर्ष तक अनिवार्य सेवा देने के पश्चात तबादले की राह खुल सकेगी। इतना ही नहीं, नई नीति में असाध्य और गंभीर बीमारी, पारिवारिक आपात स्थिति या अन्य विशेष परिस्थितियों में तीन साल से पहले भी तबादले का रास्ता खुला रहेगा। इस संशोधित नीति के दायरे में राज्य के करीब छह लाख शिक्षक आएंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था में व्यापक असर देखने को मिलेगा।

नई नीति के मसौदे के अनुसार जिलास्तरीय शिक्षकों के तबादले के लिए जिलाधिकारी की सरपरस्ती में आठ सदस्यीय कमेटी का गठन होगा। इसमें उप विकास आयुक्त, एडीएम स्तर के अधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी शामिल रहेंगे। वहीं, प्रधानाध्यापक और प्रमंडल स्तर के शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई) समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

इन कमेटियों की सिफारिश के आधार पर पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से तबादले किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का दावा है कि नई नीति से न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि शिक्षकों की जायज परेशानियों का भी समाधान होगा। अब सबकी निगाहें कैबिनेट की मुहर पर टिकी हैं, जिसके बाद तबादले का नया दौर शुरू होगा।