Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के लिए खुशखबरी, नए साल में मिलेगी 6 लाख टीचर्स को मनचाही पोस्टिंग, तबादला नीति होगी पूरी तरह ऑनलाइन

Bihar Teacher Transfer: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में साल 2026 की शुरुआत बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ होने वाली है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नई नीति अब लगभग तैयार है और शिक्षा विभाग इसे संशोधन के बाद अंतिम रूप दे रहा है।

शिक्षकों के लिए खुशखबरी- फोटो : meta

Bihar Teacher Transfer: बिहार की शिक्षा व्यवस्था में साल 2026 की शुरुआत बड़े प्रशासनिक फेरबदल के साथ होने वाली है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के तबादले की नई नीति अब लगभग तैयार है और शिक्षा विभाग इसे संशोधन के बाद अंतिम रूप दे रहा है। माना जा रहा है कि एक माह के भीतर यह मसौदा राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा, जिसके बाद पूरे राज्य के शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह बदल जाएगी।

पिछले कई वर्षों से तबादले को लेकर स्पष्ट, व्यावहारिक और統एकीकृत (यूनिफ़ॉर्म) नियमावली न होने के कारण शिक्षकों को भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही थीं। इस साल करीब सवा लाख शिक्षकों का अंतरजिला और जिलों के भीतर तबादला तो हुआ, मगर इतने आदेश अलग-अलग तरीकों से जारी हुए कि मामला खुद विभाग के लिए भी उलझ गया। इसके चलते शिक्षा विभाग पर काफ़ी संख्या में कोर्ट केस भी दर्ज हुए। अधिकारी मान रहे हैं कि ठोस नियमावली न होने की वजह से स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित होती है और विवाद बढ़ते हैं।

नई नीति के तहत राज्य के 79,000 स्कूलों के लगभग 6 लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे। फिलहाल करीब 1 लाख से अधिक शिक्षक तबादले के इच्छुक हैं, मगर बड़े पैमाने पर तबादला नई नियमावली लागू होने के बाद ही संभव होगा। पहले इसे विधानसभा चुनाव से पहले लागू करने की योजना थी, लेकिन शिक्षक संघों की आपत्तियों के चलते इसे रोकना पड़ा। अब विभाग उन आपत्तियों पर चर्चा कर संशोधित नियम तैयार कर रहा है।

सबसे बड़ा बदलाव 

 पूरी प्रक्रिया होगी ONLINE, कोई भौतिक आवेदन नहीं स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमावली की अधिसूचना जारी होते ही शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लिए जाएँगे। केवल डिजिटल आवेदन ही मान्य होंगे और किसी तरह का मैनुअल फॉर्म जमा नहीं करना होगा। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज़ होने की उम्मीद है।

 नियुक्ति के 5 साल तक नहीं मिलेगा तबादला

नई नियमावली में एक सख़्त प्रावधान यह है कि नियुक्ति के पाँच वर्ष पूरा होने से पहले किसी शिक्षक को तबादले का मौका नहीं मिलेगा।हाँ, गंभीर बीमारी या किसी “विशेष परिस्थिति” में विभाग ऐच्छिक तबादले पर विचार कर सकता है।

 सभी कैटेगरी के शिक्षकों के लिए एकीकृत नियमावली

अभी तक तबादले के लिए एकसमान नीति नहीं थी। इसलिए शिक्षा विभाग अब एक समेकित तबादला नियमावली ला रहा है, जिसमें पुराने शिक्षक,  विशिष्ट शिक्षक,  विद्यालय अध्यापक, प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक शामिल होंगे। 2006 से शुरू हुई नियोजन प्रक्रिया के बाद से ही बिहार में तबादले को लेकर स्पष्ट नीति नहीं बन पाई थी। अब लगभग 18 साल बाद विभाग पहली बार कम्प्रीहेंसिव पॉलिसी लाने जा रहा है।

 राज्य में स्कूलों की वर्तमान संख्या:

प्राथमिक विद्यालय: 40,270

मध्य विद्यालय: 27,903

बुनियादी विद्यालय: 391

नई नीति लागू होने के बाद पूरे बिहार की शिक्षक व्यवस्था में सिस्टमेटिक बदलाव देखने को मिलेंगे। लंबे समय से चली आ रही अनियमितता, मनमानी और विवादों के बाद अब उम्मीद है कि शिक्षकों के तबादले में स्पष्टता, सुविधा और पारदर्शिता आएगी।