जे. डी. विमेंस कॉलेज, पटना में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
कार्यक्रम में तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों, युवाओं में नशे की समस्या, बिहार में तंबाकू सेवन की स्थिति तथा तंबाकू नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया गया.
Bihar News : तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 एवं नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज जे. डी. विमेंस कॉलेज, पटना में तंबाकू एवं नशा मुक्ति विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज प्रशासन द्वारा सोसियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स), बिहार के सहयोग से किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीरा कुमारी सहित विभिन्न विभागों के शिक्षकों एवं 80 से अधिक छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में सीड्स के कार्यकारी निदेशक दीपक मिश्रा ने तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों, युवाओं में नशे की समस्या, बिहार में तंबाकू सेवन की स्थिति तथा तंबाकू नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
दीपक मिश्रा ने बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे (गैट्स) 2016-17 के अनुसार बिहार में 25.9 प्रतिशत वयस्क तंबाकू का सेवन करते थे, जबकि वर्ष 2009-10 में यह आंकड़ा 53.5 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन खैनी, गुटखा एवं अन्य धुआंरहित तंबाकू उत्पादों का सेवन आज भी एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती है।
उन्होंने ग्लोबल यूथ टोबैको सर्वे 2019 का उल्लेख करते हुए बताया कि बिहार में 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के 7.3 प्रतिशत स्कूली विद्यार्थी तंबाकू का सेवन करते पाए गए थे। इनमें छात्राओं में तंबाकू सेवन का प्रतिशत 8 था। उन्होंने कहा कि युवाओं, विशेषकर छात्राओं को तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी), तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (कोटपा), 2003 तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान (ToFEI) दिशानिर्देशों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि कोटपा की धारा 6 के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि युवाओं को तंबाकू एवं नशे की लत से बचाकर ही एक स्वस्थ, सशक्त और तंबाकू मुक्त पीढ़ी का निर्माण किया जा सकता है।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश....
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक रहा। छात्राओं ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। नुक्कड़ नाटक में कॉलेज की सात छात्राओं ने भाग लिया, जिनमें अनुष्का कुमारी (तृतीय सेमेस्टर), आयुषी सिंह (तृतीय सेमेस्टर), संस्कृति त्रिपाठी (तृतीय सेमेस्टर), अशमत जहाँ (तृतीय सेमेस्टर), सिंपल कुमारी (पंचम सेमेस्टर), साक्षी प्रिया सिंह (तृतीय सेमेस्टर) तथा मुस्कान कुमारी (प्रथम सेमेस्टर) शामिल थीं। छात्राओं की इस रचनात्मक पहल की सराहना की गई। नुक्कड़ नाटक ने यह संदेश दिया कि युवा स्वयं जागरूक होकर समाज में नशा मुक्ति अभियान के प्रभावी संदेशवाहक बन सकते हैं।
कार्यक्रम में भारत सरकार द्वारा 28 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ किए गए तंबाकू मुक्त युवा अभियान 4.0 के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। छात्राओं से अपील की गई कि वे स्वयं तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहें तथा अपने परिवार, मित्रों और समुदाय को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
इस अवसर पर कॉलेज की प्राचार्या प्रो. मीरा कुमारी प्रॉक्टर डॉ. हीना रानी, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. मंजरी नाथ तथा राजनीति विज्ञान विभाग की डॉ. मधुबाला उपस्थित रहीं। सीड्स, बिहार की ओर से कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा विमला फाउंडेशन के संस्थापक आशुतोष कुमार एवं राज्य कार्यक्रम प्रबंधक एडवर्ड केनेडी ने भाग लिया।कार्यक्रम में छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। इस अवसर पर तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान की अवधारणा को मजबूत करने तथा छात्राओं को नशा मुक्ति एवं तंबाकू नियंत्रण अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।