Bihar Kendriya Vidyalaya: आरा-नवादा में केंद्रीय विद्यालय, चंपारण में खुलेगा डिग्री कॉलेज, बिहार में एजुकेशन पर बड़ा फैसला

Bihar Kendriya Vidyalaya: आरा में नया केंद्रीय विद्यालय संगठन के तहत केंद्रीय विद्यालय खोलेगा।साथ ही नवादा में भी केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला हुआ है।

आरा-नवादा में केंद्रीय विद्यालय- फोटो : social Media

Bihar Kendriya Vidyalaya: बिहार की सियासत अब शिक्षा के मैदान में नया दांव खेलती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में सरकार ने शिक्षा सेक्टर को मजबूती देने के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट के इन फैसलों को एजुकेशन रिफॉर्म का पॉलिटिकल मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

सबसे अहम फैसला आरा में नया केंद्रीय विद्यालय संगठन के तहत केंद्रीय विद्यालय खोलने का है। इसके लिए पांच एकड़ जमीन 30 साल की लीज पर दी जाएगी। साथ ही नवादा में भी केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का फैसला हुआ है। हुकूमत का मानना है कि इन संस्थानों के खुलने से क्वालिटी एजुकेशन का दरवाजा आम अवाम के बच्चों के लिए खुलेगा।

उधर उच्च शिक्षा के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पश्चिम चंपारण के मधुबनी अंचल में एक नए डिग्री कॉलेज को मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 5.81 एकड़ जमीन शिक्षा विभाग को ट्रांसफर की जाएगी। यह फैसला खास तौर पर उन इलाकों के लिए राहत लेकर आएगा, जहां के छात्रों को अब तक बेहतर पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था।

यह महज शिक्षा का विस्तार नहीं, बल्कि ग्राउंड कनेक्ट मजबूत करने की रणनीति भी है। सरकार साफ संदेश देना चाहती है कि विकास की रोशनी अब सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गांव, कस्बों और पिछड़े इलाकों तक पहुंचेगी।

इन फैसलों से न सिर्फ शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि सामाजिक और आर्थिक बदलाव की बुनियाद भी मजबूत होगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह ‘तालीमी सियासत’ आने वाले वक्त में कितना बड़ा असर छोड़ती है और क्या वाकई यह पहल बिहार को शिक्षा के नक्शे पर नई पहचान दिला पाती है।