MBBS छात्रों को NMC की बड़ी राहत, फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा पास करने के लिए मिलेगा पांचवां मौका
NMC के नए फैसले के तहत पात्र छात्रों को इन चार प्रयासों के अतिरिक्त एक और मौका दिया जाएगा। खास बात यह है कि जिन छात्रों की फर्स्ट प्रोफेशनल कोर्स पूरा करने की निर्धारित चार साल की अवधि समाप्त हो चुकी है, वे भी इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
MBBS: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने MBBS के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए फर्स्ट प्रोफेशनल MBBS परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त मौका देने का फैसला किया है। 15 अक्टूबर को जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2019-20 और उसके बाद MBBS में दाखिला लेने वाले पात्र छात्र अब परीक्षा पास करने के लिए पांचवां प्रयास कर सकेंगे। यह छूट एक बार के विशेष प्रावधान के तहत दी गई है।
NMC ने बताया कि इस फैसले को 23 सितंबर को हुई आयोग की 18वीं बैठक में मंजूरी दी गई थी। छात्रों, विश्वविद्यालयों और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से लगातार राहत की मांग की जा रही थी। इन मांगों में कोविड-19 महामारी के कारण पढ़ाई और परीक्षा पर पड़े असर, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य व्यक्तिगत कठिनाइयों का हवाला दिया गया था।
चार की जगह मिलेंगे पांच मौके
मौजूदा नियमों के तहत MBBS छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा पास करने के लिए सामान्य तौर पर अधिकतम चार प्रयास की अनुमति है। इसके अलावा, फर्स्ट प्रोफेशनल कोर्स पूरा करने के लिए चार साल की समय-सीमा भी निर्धारित है। NMC के नए फैसले के तहत पात्र छात्रों को इन चार प्रयासों के अतिरिक्त एक और मौका दिया जाएगा। खास बात यह है कि जिन छात्रों की फर्स्ट प्रोफेशनल कोर्स पूरा करने की निर्धारित चार साल की अवधि समाप्त हो चुकी है, वे भी इस छूट का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि संबंधित विश्वविद्यालय या मेडिकल कॉलेज में उनका दाखिला वैध बना हुआ हो और उसे रद्द नहीं किया गया हो।
पहले ही अतिरिक्त मौका ले चुके छात्रों को राहत नहीं
NMC ने स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों को पहले के किसी आयोग के फैसले या अदालत के आदेश के तहत पांचवां प्रयास करने का मौका मिल चुका है, उन्हें इस फैसले के आधार पर दोबारा अतिरिक्त प्रयास नहीं मिलेगा। यानी ऐसे छात्र छठे प्रयास का दावा नहीं कर सकेंगे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि MBBS पाठ्यक्रम और अनिवार्य रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप (CRMI) सहित पूरी मेडिकल पढ़ाई की अधिकतम अवधि दाखिले की तारीख से 10 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।
2023 में भी दी गई थी छूट
कोविड महामारी से प्रभावित छात्रों को राहत देने के लिए NMC पहले भी ऐसे फैसले ले चुका है। मई 2023 में आयोग ने शैक्षणिक सत्र 2019-20 में दाखिला लेने वाले छात्रों को फर्स्ट प्रोफेशनल परीक्षा पास करने के लिए एक अतिरिक्त यानी पांचवां प्रयास करने की अनुमति दी थी। इसके बाद दिसंबर 2023 में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के छात्रों को भी इसी तरह की एकमुश्त छूट दी गई थी। आयोग ने माना था कि इस बैच की पढ़ाई और परीक्षा भी महामारी से प्रभावित हुई थी।
भविष्य के छात्रों के लिए मिसाल नहीं होगा फैसला
NMC ने इस राहत को लंबित मामलों के समाधान के लिए एक बार का संक्रमणकालीन उपाय बताया है। आयोग के अनुसार, इस फैसले को भविष्य के शैक्षणिक सत्रों के लिए स्थायी नियम या मिसाल नहीं माना जाएगा। इस फैसले से उन पात्र MBBS छात्रों को परीक्षा पास करने का एक और अवसर मिलेगा, जो महामारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं या अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियों के कारण निर्धारित प्रयासों में सफल नहीं हो सके थे। हालांकि, राहत का लाभ लेने से पहले छात्रों को अपनी पात्रता और संबंधित विश्वविद्यालय में दाखिले की वैधता की पुष्टि करनी होगी।