Bihar Teacher Transfer:टीचर ट्रांसफर पर बड़ा फैसला, नए के साथ पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों का भी होगा स्थानांतरण, शिक्षा मंत्री का बड़ा बयान

Bihar Teacher Transfer: बिहार की सियासत में शिक्षक तबादले का मसला फिर सुर्खियों में है।...

:टीचर ट्रांसफर पर बड़ा फैसला- फोटो : X

Bihar Teacher Transfer: बिहार की सियासत में शिक्षक तबादले का मसला फिर सुर्खियों में है। बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने साफ लफ्जों में कहा हर किसी को मुतमइन करना मुमकिन नहीं।  इस बयान के साथ ही सत्ता और विपक्ष के बीच बहस की तपिश और तेज हो गई।

मंत्री ने खुलासा किया कि अब तक राज्य में तकरीबन ढाई लाख शिक्षकों का तबादला हो चुका है। इनमें से 80 फीसदी शिक्षक अपनी नई तैनाती से संतुष्ट हैं, लेकिन 20 प्रतिशत अब भी नाखुश बताए जा रहे हैं। उनका कहना था कि तबादले विषयवार उपलब्धता और स्कूलों की जरूरत के आधार पर किए जाते हैं। ऐसे में हर किसी की पसंद-नापसंद को एक साथ पूरा करना हकीकत से दूर है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिन शिक्षकों का ट्रांसफर अब तक नहीं हुआ है, उनके मामले में भी यथासंभव कोशिश की जाएगी। साथ ही यह ऐलान भी किया गया कि पुराने वेतनमान वाले शिक्षकों का तबादला भी किया जाएगा।

विधान परिषद में एमएलसी नवल किशोर यादव और संजीव कुमार सिंह के सवालों पर मंत्री ने कई अहम घोषणाएं कीं। आकस्मिक अवकाश के बीच पड़ने वाले रविवार और अन्य अवकाश को क्षतिपूर्ति अवकाश के तौर पर गिनने के लिए शिक्षा कोष पोर्टल में संशोधन होगा। स्कूलों की साफ-सफाई के मसले पर उन्होंने कहा कि एजेंसी बहाल है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाती है।

सभापति अवधेश नारायण सिंह के सुझाव पर मंत्री ने माना कि सफाई कर्मियों की बहाली नीतिगत मामला है और भविष्य में इस पर गौर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य के 5 हजार स्कूलों में पोषण वाटिका बननी है, लेकिन फिलहाल सीमित स्कूलों में ही काम बेहतर ढंग से चल रहा है।

भाषायी अकादमियों को एक निदेशालय के अधीन लाने और मदरसा व संस्कृत विद्यालय कर्मियों को अंतरराशि भुगतान का भी ऐलान हुआ। बहस के दौरान वित्त विभाग का जिक्र आने पर विपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि वित्त विभाग “सौतन” की तरह पेश आ रहा है। कुल मिलाकर, शिक्षक तबादले का मुद्दा सियासी बयानबाजी और प्रशासनिक दलीलों के बीच नई करवट ले चुका है।