Naxalite Arrest in Giridih: 4 राज्यों में लाल आतंक का बड़ा चेहरा 25 लाख ईनामी अजय महतो धराया, 100 से अधिक मामलों का था आरोपी

गिरिडीह में लाल आतंक को बड़ा झटका 4 राज्यों में लाल आतंक का बड़ा चेहरा 25 लाख ईनामी 100 से अधिक संगीन मामलों के आरोपी और पारसनाथ के जोनल कमांडर अजय महतो को पुलिस ने दो सहयोगियों के साथ दबोचा। देशद्रोह के तहत चलेगा मुकदमा

मिसिर बेसरा का सहयोगी 25 लाख ईनामी नक्सली अजय महतो गिरफ्तार- फोटो : news 4 nation

झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। लाल आतंक का पर्याय बन चुके कुख्यात नक्सली और शीर्ष माओवादी नेता मिसिर बेसरा के करीबी सहयोगी अजय महतो उर्फ 'टाइगर' उर्फ बासुदेव को पुलिस ने बीती रात हरलाडीह से गिरफ्तार कर लिया। मूल रूप से गिरिडीह के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के नावाडीह गांव का रहने वाले अजय महतो की गिरफ्तारी को नक्सली नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की एक ऐतिहासिक जीत माना जा रहा है। झारखंड सरकार ने इसकी गिरफ्तारी पर ₹25 लाख का बड़ा इनाम घोषित कर रखा था।


करमू मांझी के घर पर छापा: दो अन्य सहयोगी नक्सली भी धरे गए

यह पूरी कार्रवाई गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. बिमल कुमार के कुशल निर्देशन में गठित एक विशेष टीम द्वारा अंजाम दी गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली कमांडर इलाके में छिपा हुआ है। इस इनपुट के आधार पर विशेष टीम ने हरलाडीह में करमू मांझी के घर पर अचानक घेराबंदी कर छापेमारी की और वहां छिपे बैठे टाइगर को दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से उसके साथ मौजूद दो अन्य सक्रिय नक्सलियों को भी हिरासत में लिया है, जिनसे विशेष टीम कड़ी पूछताछ कर रही है।


पारसनाथ का जोनल कमांडर: 100 से अधिक संगीन मुकदमों का आरोपी

अजय महतो उर्फ टाइगर भाकपा माओवादी संगठन में स्पेशल एरिया कमेटी (SAC) का सदस्य होने के साथ-साथ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पारसनाथ इलाके का जोनल कमांडर रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, लूट, जबरन लेवी (रंगदारी) वसूली, पुलिस पार्टियों पर जानलेवा हमला, आईईडी (IED) ब्लास्ट और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाने के 100 से भी अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहकर उसने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था।


चार राज्यों में था खौफ: विकास कार्यों को बाधित करना थी पहचान

नक्सली कमांडर अजय महतो ने विकास योजनाओं को निशाना बनाकर अपनी दहशत कायम कर रखी थी। सड़क निर्माण में लगे वाहनों और पोकलेन मशीनों को फूंकना तथा विकास कार्यों से जुड़े ठेकेदारों से मोटी रंगदारी वसूलना उसकी मुख्य पहचान बन चुकी थी। यही वजह थी कि झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की पुलिस भी लंबे समय से उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। उसकी गिरफ्तारी से इन सभी राज्यों की पुलिस ने राहत की सांस ली है।


देशद्रोह का मुकदमा चलाने की तैयारी: संगठन को लगा तगड़ा झटका

गिरिडीह उपायुक्त (DC) ने पहले ही अजय महतो समेत 12 शीर्ष नक्सलियों के खिलाफ देशद्रोह और यूएपीए (UAPA) एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुशंसा राज्य सरकार से की थी, जिसे गृह विभाग से मंजूरी भी मिल चुकी है। इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पूरे गिरिडीह जिले में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। एसपी डॉ. बिमल कुमार ने प्रेस को बताया कि टाइगर की गिरफ्तारी से नक्सली संगठन की कमर टूट गई है और आने वाले दिनों में बचे हुए नक्सलियों के सफाए के लिए जंगलों में सघन तलाशी अभियान और तेज किया जाएगा।