तेज रफ्तार हाइवा ने टाटा मैजिक को रौंदा, 5 लोगों की दर्दनाक मौत; बालू के अवैध परिवहन पर उठे सवाल

एक तेज रफ्तार अनियंत्रित हाइवा ने सड़क किनारे खड़ी टाटा मैजिक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की मौत इलाज के दौरान हुई

N4N Desk - : गुमला–रांची मुख्य मार्ग पर भरनो थाना क्षेत्र के भड़गांव के पास गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बालू अनलोड कर लौट रहे एक अनियंत्रित हाइवा ने टाटा मैजिक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिसमें पांच लोगों की जान चली गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना ने इलाके में बालू के अवैध परिवहन और लचर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

भीषण टक्कर: मौके पर मची चीख-पुकार

यह हादसा उस वक्त हुआ जब टाटा मैजिक में सवार आठ लोग रांची के धुर्वा से गुमला के नागफेनी जा रहे थे। रास्ते में वे आसपास लगने वाले मेलों की जानकारी लेने के लिए रुके थे, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 

मृतकों और घायलों की पहचान

हादसे का शिकार हुए लोग बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों के रहने वाले थे। जिनकी पहचानआशीष मांझी (25, गया), बजरंग कुमार (38, धुर्वा), संजय कुमार भुईयां (22, हजारीबाग), बालेश्वर साव (48, तिलकुट व्यवसायी, धुर्वा) और सुनील कुमार साव (34, हजारीबाग) शामिल हैं। वहीं घायल टाटा मैजिक चालक इंद्रप्रस्थ कुमार, सरोज कुमार और अनिल कुमार। इनका इलाज रांची के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। 


पुलिस की कार्रवाई और चालक फरार

घटना की सूचना मिलते ही भरनो थाना प्रभारी कंचन प्रजापति पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और राहत कार्य शुरू किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को जब्त कर लिया है, हालांकि चालक वाहन छोड़कर फरार होने में सफल रहा। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया गया है। 

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने सिस्टम को घेरा

सिसई के पूर्व विधायक और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बालू के अवैध उठाव और परिवहन में लगे तेज रफ्तार हाइवा लगातार मौतों का कारण बन रहे हैं। उन्होंने इसे सड़क सुरक्षा व्यवस्था की विफलता बताते हुए अवैध बालू खनन सिंडिकेट में सिस्टम की भूमिका पर भी संदेह जताया है।