नाचने-गाने के बाद अब कैफे चलाएंगे ट्रांसजेंडर, यहां खुला राज्य का पहला ट्रांस कैफे, थर्ड जेंडर समुदाय परोसेगा स्वाद और सम्मान

एक नई शुरुआत, एक नया नजरिया! रामगढ़ के कलेक्ट्रेट पार्क में अब 'ट्रांस-कैफे' महकेगा। ट्रांसजेंडर समुदाय के 10 सदस्य मिलकर इस कैफे को चलाएंगे। यह कदम न केवल उन्हें रोजगार देगा बल्कि समाज में उनके प्रति सम्मान भी बढ़ाएगा। आइए, इस बदलाव का हिस्सा बनें

Ramgarh - समाज की रूढ़िवादी सोच को चुनौती देते हुए रामगढ़ जिले में एक ऐतिहासिक शुरुआत होने जा रही है। जिला कलेक्ट्रेट पार्क में राज्य का पहला ऐसा कैफे खुलने जा रहा है, जिसकी पूरी कमान ट्रांसजेंडर समुदाय के हाथों में होगी। 'ट्रांस-कैफे' नाम के इस आउटलेट का उद्घाटन मंगलवार को किया जाएगा। उपायुक्त फैज अहमद मुमताज की इस अनूठी पहल का उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सम्मानजनक आजीविका के अवसर प्रदान करना है। 

किन्नर उत्थान समिति संभालेगी प्रबंधन


इस कैफे का संचालन जिले की 'किन्नर उत्थान समिति' नामक स्वयं सहायता समूह (SHG) के 10 सदस्यों द्वारा किया जाएगा। शुरुआत में यहाँ ग्राहकों को चाय, कॉफी, स्नैक्स और अन्य हल्के जलपान उपलब्ध कराए जाएंगे, जिसे भविष्य में विस्तार देने की योजना है। समिति की अध्यक्ष हिमांशी प्रधान ने कहा कि यह कैफे सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि यह साबित करने का मौका है कि यदि अवसर मिले तो हम नाचने-गाने के पारंपरिक कार्यों के इतर मुख्यधारा के काम भी उतनी ही कुशलता से कर सकते हैं। 

बच्चों और समाज का नजरिया बदलने की कोशिश

हिमांशी प्रधान का मानना है कि यह कैफे विशेष रूप से बच्चों की सोच बदलने में क्रांतिकारी साबित होगा। अक्सर बच्चे ट्रांसजेंडर समुदाय से दूरी बनाकर रखते हैं या उनसे डरते हैं, लेकिन कैफे में नियमित बातचीत और सेवा के माध्यम से यह दूरी खत्म होगी और उनके मन में समुदाय के प्रति सम्मान पैदा होगा। उपायुक्त ने बताया कि जिले में लगभग 50 ट्रांसजेंडर लोग हैं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयास कर रहा है। 

ब्यूटीशियन ट्रेनिंग और विशेष OPD की भी सुविधा

प्रशासन केवल कैफे तक ही सीमित नहीं है। ट्रांसजेंडर समुदाय के सशक्तिकरण के लिए सोमवार से एक विशेष ब्यूटीशियन ट्रेनिंग प्रोग्राम भी शुरू किया गया है, जिसमें विशेषज्ञ उनके घर जाकर उन्हें स्वरोजगार के गुर सिखाएंगे। इसके साथ ही, जिला प्रशासन ने हर शनिवार को सदर अस्पताल में इस समुदाय के लिए एक विशेष ओपीडी (OPD) की भी शुरुआत की है, ताकि उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान हो सके।