रांची पुलिस बनाम ED: केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच शुरू हुई पूछताछ
रांची में ED (प्रवर्तन निदेशालय) और स्थानीय पुलिस के बीच चल रही यह हलचल काफी चर्चा में है।रांची पुलिस की एक टीम ED के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंची है। वही दूसरी तरफ केंद्रीय सुरक्षा बलों (CSF) के जवान सुरक्षा संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं।
झारखंड की राजधानी रांची में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के क्षेत्रीय कार्यालय पर रांची पुलिस की टीम के पहुंचने से अचानक प्रशासनिक हलचल तेज हो गई। पुलिस की यह टीम हिनू स्थित कार्यालय पहुंची, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कुछ समय के लिए संशय की स्थिति बन गई। इस औचक दौरे को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और जांच एजेंसियों के बीच बढ़ते तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
इस कार्यवाही के दौरान ED कार्यालय के बाहर और भीतर का माहौल काफी गंभीर बना हुआ है। कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों (CSF) के जवान सुरक्षा संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं, जबकि कार्यालय के अंदर राज्य पुलिस की मौजूदगी देखी गई है। दोनों सुरक्षा बलों की एक साथ मौजूदगी ने वहां की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है।
कार्यवाही का मुख्य कारण
पुलिस की यह कार्रवाई झामुमो (JMM) के एक कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई हालिया शिकायत से संबंधित है। बताया जा रहा है कि पुलिस की इस कार्रवाई का मुख्य कारण पेयजल घोटाले के एक अभियुक्त, संतोष कुमार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं। संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर हिरासत के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। रांची पुलिस इसी मामले में पूछताछ करने और सच्चाई का पता लगाने के लिए ED दफ्तर पहुंची है।
एजेंसियों के बीच बढ़ता टकराव
पिछले काफी समय से झारखंड में केंद्रीय जांच एजेंसियों की सक्रियता और राज्य पुलिस के बीच एक तरह का कानूनी द्वंद्व दिखाई दे रहा है। भ्रष्टाचार के मामलों में ED की छापेमारी और उसके जवाब में स्थानीय स्तर पर दर्ज होने वाले मुकदमों ने स्थिति को काफी संवेदनशील बना दिया है। स्थानीय पुलिस का सीधे ED दफ्तर पहुंचना इसी प्रशासनिक और संवैधानिक खींचतान की एक और कड़ी मानी जा रही है।
सुरक्षा और वर्तमान स्थिति
इस कार्यवाही के दौरान ED कार्यालय के बाहर और भीतर का माहौल काफी गंभीर बना हुआ है। कार्यालय के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों (CSF) के जवान सुरक्षा संसाधनों के साथ मुस्तैद हैं, जबकि कार्यालय के अंदर राज्य पुलिस की मौजूदगी देखी गई है। दोनों सुरक्षा बलों की एक साथ मौजूदगी ने वहां की संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है। दोनों एजेंसियों के बीच उपजे इस नए विवाद ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। जहाँ एक ओर ED पेयजल घोटाले की जांच कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय पुलिस द्वारा ED अधिकारियों पर ही जांच शुरू करना एक बड़े कानूनी टकराव की ओर इशारा कर रहा है। इस स्थिति पर अब दोनों ही पक्षों की अगली प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।