Heart Attack: सीने में दर्द और सांस फूलना सामान्य समझकर न टालें, पढ़िए हार्ट अटैक के लक्षण , इसलिए बेहम अहम होते हैं शुरुआती 24 घंटे

Heart Attack: सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान और बेचैनी जैसे लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

हार्ट अटैक के लक्षण- फोटो : X

Heart Attack:  सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान और बेचैनी जैसे लक्षणों को मामूली समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ये हार्ट अटैक के संभावित संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक हार्ट अटैक की स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। मरीज को बिना देरी किए ऐसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए, जहां हृदय संबंधी आपातकालीन उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। समय पर इलाज मिलने से जान बचाने के साथ हृदय को होने वाले नुकसान को भी कम किया जा सकता है।

आईजीआईएमएस के डॉ. रोहित उपाध्याय ने बताया कि हार्ट अटैक के बाद शुरुआती 24 घंटे बेहद अहम होते हैं। उन्होंने कहा कि सीने में दर्द या हार्ट अटैक से जुड़े लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना चाहिए। इलाज में देरी हृदय की मांसपेशियों को होने वाले नुकसान को बढ़ा सकती है।

डॉ. रोहित उपाध्याय के मुताबिक मधुमेह, उच्च रक्तचाप और शारीरिक निष्क्रियता हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। ऐसे में संतुलित खानपान, कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण और नियमित व्यायाम को जीवनशैली का हिस्सा बनाना जरूरी है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में किसी सदस्य को हृदय रोग का इतिहास रहा हो तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर नियमित निगरानी रखनी चाहिए। डॉक्टर ने 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित हृदय जांच कराने की सलाह दी।

हृदय की धड़कन में असामान्यता को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। सामान्य स्थिति में हृदय की धड़कन व्यक्ति की स्थिति के अनुसार बदलती रहती है, इसलिए लगातार असामान्य धड़कन या अन्य गंभीर लक्षण महसूस होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

हीरेश कुमार