NEET-CUET में होने जा रहा है बड़ा बदलाव,साल में दो बार हो सकती है परीक्षा, कोचिंग पर लगाम कसने की तैयारी में सरकार

NEET-CUET: जेईई मेन, नीट और सीयूईटी जैसी अहम प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों की महंगी कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है।

NEET-CUET में होने जा रहा है बड़ा बदलाव- फोटो : social Media

NEET-CUET:  जेईई मेन, नीट और सीयूईटी जैसी अहम प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रों की महंगी कोचिंग संस्थानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। एक मसौदे में जेईई मेन की तर्ज पर नीट और सीयूईटी जैसी परीक्षाओं को भी साल में कम से कम दो बार आयोजित करने का सुझाव दिया गया है। हालांकि, यह अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। मौजूदा व्यवस्था में जेईई मेन के दो सत्र होते हैं, जबकि नीट यूजी आम तौर पर साल में एक बार आयोजित होता है। NTA की मौजूदा 2026 व्यवस्था में भी NEET-UG एक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के रूप में आयोजित हुआ है।

बताया गया है कि पूर्व उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी की अध्यक्षता वाली समिति ने परीक्षा व्यवस्था में कई सुधार सुझाए हैं। इसके पीछे तर्क यह है कि किसी अहम प्रवेश परीक्षा के लिए सिर्फ एक मौका मिलने से विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ता है। अगर साल में दो अवसर मिलते हैं तो अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करने का एक और मौका मिल सकता है।

इसी कड़ी में नंदन नीलकेणी की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड टास्क फोर्स सार्वजनिक परीक्षाओं की सुरक्षा, संचालन, डिजाइन और गवर्नेंस में व्यापक सुधारों पर काम कर रही है। सरकार के मुताबिक टास्क फोर्स का फोकस परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और विद्यार्थियों के कल्याण को मजबूत करने पर है।मसौदे में स्कूली शिक्षकों को प्रतियोगी परीक्षाओं की जरूरत के मुताबिक विशेष प्रशिक्षण देने की सिफारिश भी बताई गई है। मकसद है कि छात्रों को स्कूल स्तर पर ही ऐसी अकादमिक और परीक्षा-केंद्रित तैयारी मिले, जिससे निजी कोचिंग पर उनकी निर्भरता कम हो सके।

इसके साथ ही प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर की नए सिरे से समीक्षा करने की बात कही गई है। छात्रों की ओर से अक्सर यह शिकायत सामने आती रही है कि कुछ सवाल निर्धारित स्कूली पाठ्यक्रम से बाहर या कक्षा 12 के विद्यार्थियों की अपेक्षित तैयारी से ज्यादा कठिन होते हैं। प्रस्ताव में परीक्षा के स्तर को स्कूली शिक्षा के अनुरूप रखने पर जोर दिया गया है।

मसौदे में केवल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम पर निर्भर रहने के बजाय विभिन्न राज्य बोर्डों के पाठ्यक्रम को भी ध्यान में रखने की बात कही गई है। तर्क है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केंद्रीय बोर्डों के साथ बड़ी संख्या में राज्य बोर्डों के विद्यार्थी भी शामिल होते हैं। ऐसे में व्यापक पाठ्यक्रम-समानता से अलग-अलग पृष्ठभूमि के छात्रों को परीक्षा में समान अवसर देने में मदद मिल सकती है।इस बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अभ्यर्थियों के लिए डुप्लीकेट स्कोरकार्ड जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की है। NTA की वेबसाइट पर इस संबंध में प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है।जिन अभ्यर्थियों का JEE Main, NEET UG, CUET PG या NTA की अन्य परीक्षाओं का मूल स्कोरकार्ड खो गया, चोरी हो गया या क्षतिग्रस्त हो गया है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत डुप्लीकेट स्कोरकार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं।

NTA ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले DigiLocker पर अपना स्कोरकार्ड जरूर जांच लें। यदि वहां दस्तावेज उपलब्ध है तो उसे डाउनलोड किया जा सकता है और अलग से डुप्लीकेट स्कोरकार्ड के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। यदि स्कोरकार्ड उपलब्ध नहीं है तो निर्धारित आवेदन प्रक्रिया के तहत जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

इस तरह परीक्षा सुधारों के प्रस्ताव से लेकर स्कोरकार्ड सुविधा तक, प्रवेश परीक्षाओं की पूरी व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित, छात्र-केंद्रित और तनाव कम करने वाली बनाने पर मंथन जारी है। हालांकि NEET और CUET को साल में दो बार कराने जैसे बदलावों को लेकर छात्रों को अंतिम आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा।