लालू यादव के पोतों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाले जज के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, कार्यपालक पदाधिकारी अंखफोड़बा कांड में नया पेंच

पटना. राजद सुप्रीमो लालू यादव के कथित करीबी रिश्तेदारों द्वारा एक सरकारी अधिकारी से साथ पटना में मारपीट करने और आंख फोड़ने की घटना में नया पेंच आ गया है. अंखफोड़बा कांड में अभियुक्तों की गिरफ़्तारी पर रोक लगाने वाले जज के खिलाफ चीफ जस्टिस के यहाँ शिकायत दर्ज़ कराई गई है. पटना के गोला रोड का यह बहुचर्चित मामला 16 जनवरी 2024 का है. नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अरविन्द कुमार सिंह पर दिनांक 16.01.2024 को गोला रोड में जानलेवा हमला हुआ था. उस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी का एक आँख फोड़ दिया गया तथा चोट के कारण एक कान से बहरे भी हो गए. वर्तमान में उनका ईलाज दिल्ली एम्स अस्पताल में चल रहा है.

पटना के रूपसपुर थाना में इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी. इसमें लालू यादव के चचेरे पोते तनुज, नयन यादव व अन्य के खिलाफ मुख्य मुदालय बनाया गया. पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस दोनों अभियुक्तों के घर पर इस्तेहार भी चिपका चुकी है. दोनों अभियुक्त फ़रार घोषित किये जा चुके हैं. इसी बीच जिला एवं सत्र न्यायलय दानापुर में अग्रिम जमानत की गुहार लगाई गई और आरोपियों की गिरफ्तारी पर स्टे मिल गया.

इस बीच, अगली तारीख 22 फरवरी 2024 को पुलिस के द्वारा प्रस्तुत किये गए साक्ष्य, पीड़ित एवं गवाह के बयान का अबलोकन करने तथा सूचक पक्ष के अधिवक्ता की दलील को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया. 5 मार्च को भी बहस के बाद फैसला नहीं हुआ और 14 मार्च की अगली तिथि निर्धारित कर दिया गया. जिसके ख़िलाफ़ पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मनीष कुमार सिंह ने पटना उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायधीश तथा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है. 

क्या हुआ था : पटना के रूपसपुर थाने के गोला रोड में 16 जनवरी 2024 को रात करीब 9.20 बजे बदमाशों ने गया के डोभी में नप के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह को मारपीट कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया. उनकी बायीं आंख में चोटें आयी है. जख्मी पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने रूपसपुर थाने में स्थानीय तनुज, नयन यादव व अन्य के खिलाफ में केस दर्ज करा दिया है. तनुज के पिता का नाम नागेंद्र यादव है. नागेंद्र यादव के बारे में बताया जा रहा है कि वो एक राजनेता का रिश्तेदार है. बाद में पता चला कि वे लालू यादव के रिश्तेदार हैं. अरविंद कुमार सिंह की लात-घूंसे और रॉड से की गई पिटाई में उनकी हालत गंभीर बन गई और बेहतर इलाज के लिए दिल्ली एम्स रेफर किया गया है.