भारतीय कुश्ती का स्वर्णिम इतिहास रचने के कगार पर फोगाट, रोहिणी आचार्या ने बधाई देते हुए कहा- 'ईश्वर विनेश जैसी बेटी हर घर को दे, जो झंझावातों से लड़ते हुए...परचम लहरा दे..'
पटना- भारत की पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलिंपिक में इतिहास रच दिया है. विनेश फोगाट ओलिंपिक के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं. उनकी इस उपलब्धि पर राजद सुप्रीमों लालू यादव की लाडली रोहिणी यादव ने बधाई और शुभकामनाएं दी है.
रोहिणी ने सोशल साइट के एक्स हैंडल पर विनेश फोगाट को बदाई देते हुए लिखा है कि 'महिला पहलवानों के साथ हुए यौनाचार से मुँह फेरने वाली , यौनाचारी को संरक्षण देने वाली बेगैरतों - बेशर्मों की मंडली , उसके बदजुबान - बड़बोले नेताओं और गोदी - मीडिया को तो अब माफ़ी मांग लेनी चाहिए यौनाचार के खिलाफ देश में लड़ने वाली और ओलम्पिक में देश के मान व सम्मान के लिए लड़ने वाली बहादुर बेटी विनेश फोगट के साथ - साथ अन्य महिला पहलवानों से..'
रोहिणी ने आगे लिखा है कि 'जिस दिन सत्ता के निर्देश पर विनेश व् अन्य महिला पहलवान बहनों के साथ पुलिसिया - दमन हुआ था , विनेश व अन्य महिला पहलवानों को गालियां दी गयीं थीं , पुरुष पुलिस - कर्मियों के द्वारा विनेश व अन्य महिला पहलवानों को सड़क पर घसीटा गया था , उस दिन देश की हरेक माँ और बेटी का कलेजा फटा था , नारी अस्मिता पर हमला जो हुआ था .. बेटियों - बहनों को शक्ति - स्वरुपा मानने वाला देश शर्मसार हुआ था ..'
फोगाट को बधाई देते हुए रोहिणी ने एक्स पर लिखा है कि 'दमन के उस काले अध्याय के दर्द व दंश को अपने सीने में दबा कर , एक चुनौती के रूप में स्वीकार कर आज जब देश के लिए बहादुर बेटी विनेश ने वो कर दिखाया जो अब तक कोई नहीं कर पाया , तो प्रायश्चित करने व माफी मांग लेने का सही वक्त है उन लोगों के लिए जिन लोगों ने विनेश व् महिला पहलवान बहनों के साथ ज्यादती करने - कराने में , अमर्यादित प्रलाप करने में अपनी तरफ से न कोई कसर छोड़ी और ना ही उनके साथ न्याय कर सके .. '
रोहिणी ने फोगाट को बधाई देते हुए आगे लिखा है कि 'क्या कुछ नहीं सहा विनेश ने, मगर फिर भी बिना विचलित हुए, बिना अपने लक्ष्य से भटके विदेशी सरजमीं पर अपने देश का झंडा गाड़ दिया .. ईश्वर विनेश जैसी बेटी हर घर को / में दे , जो झंझावातों से लड़ते हुए , खुद के साथ साथ हुई हरेक ज्यादती, हरेक बाधा व चुनौती को अपनी ताकत में तब्दील करते हुए देश व नारी शक्ति का परचम लहरा दे..'