सोमवार से शुरु हुए सावन का सोमवारी के दिन ही हो रहा समापन, रक्षाबंधन के साथ हुए अद्भुत संगम ने बढ़ाया महत्व, जानें क्या है खास....

DESK: भगवान शिव को समर्पित सावन के महीना का आज आखिरी दिन है। सावन के आखिरी दिन दो अद्भुत संगम ने इसका महत्व दो गुणा कर दिया है। एक तो आज सावन का अंत सोमवार के दिन हो रहा है तो वहीं आज ही भाई बहन का पवित्र त्योहार रक्षाबंधन भी है। आज सुबह से ही सोमवारी और रक्षाबंधन का धूम है। सबसे खास बात है कि श्रावण मास सोमवार से ही प्रारंभ हुआ था और सोमवार को ही समाप्त होगा। 

सावन के अंतिम सोमवार पर भक्तों की भीड़ प्रमुख शिव मंदिरों में उमड़ी। सावन का आखिरी सोमवार होने के कारण इस व्रत की महत्ता अधिक है। इस दिन सोमवार व्रत के सभी नियम व विधान लागू होंगे। राखी के दिन पड़ने वाले सावन के आखिरी सोमवार का व्रत रखने से ही सभी सोमवार व्रतों के पूर्ण फल की प्राप्ति होगी। अगर आप रक्षा बंधन के दिन सावन सोमवार व्रत नहीं करेंगे तो सावन सोमवार के व्रत का लाभ नहीं मिलेगा।

सावन के आखिरी सोमवार को कई शुभ संयोग बनने से व्रत का महत्व बढ़ रहा है। सावन के आखिरी या पांचवें सोमवार को रवि योग, शोभन योग, सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। मान्यता है इन योग में शिव पूजन व जलाभिषेक करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

शिव जलाभिषेक का उत्तम मुहूर्त- सावन के आखिरी सोमवार को शिव पूजन व जलाभिषेक का उत्तम मुहूर्त सुबह 05 बजकर 52 मिनट से सुबह 08 बजकर 10 मिनट तक रहेगा।

रक्षा बंधन का शुभ समय- रक्षा बंधन के दिन भद्रा का साया होने के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 01:30 बजे से से रात 09:07 बजे तक रहेगा। रक्षा बंधन के लिये दोपहर का मुहूर्त - 01:42 बजे से 04:19 बजे तक है। रक्षा बंधन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त - 06:55 बजे से 09:07 बजे तक है।