बांग्लादेश में हालात बेकाबू, शेख हसीना के बेटे वाजेद जॉय ने कहा,..मेरी मां अब शायद राजनीति में नहीं लौटेंगी...

बांग्लादेश में तख्तापलट हो गया है. आरक्षण की चिंगारी ने भयानक आग का रुप ले लिया है. छात्रों का विरोध प्रदर्शन पिछले महीने विवादास्पद नौकरी आरक्षण योजना के खिलाफ शुरू हुआ था. यह प्रदर्शन  सरकार विरोधी आंदोलन बन गया. साल 1971 के मुक्ति संग्राम में भाग लेने वालों के परिवारों के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान इस विवादास्पद आरक्षण व्यवस्था के तहत किया गया था. बांग्लादेश में हालात बेकाबू हैं. आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के हिंसक रूप में तब्दील होने के बाद सोमवार को शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. हसीना ने अपनी बहन के साथ देश छोड़ दिया है. 

सूत्रों ने बताया कि हसीना बांग्लादेश वायुसेना के एक सी-130 जे सैन्य परिवहन विमान से भारत पहुंचीं. हसीना के विमान के एयरबेस पर उतरने के कुछ घंटे बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने उनसे मुलाकात की.  विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बांग्लादेश में तेजी से बदल रहे हालात के बारे में जानकारी दी.बताया जा रहा है कि जयशंकर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी घटनाक्रम से अवगत कराया। बताया जा रहा है कि हसीना को किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और सोमवार रात को उनके भारत से रवाना होने की संभावना नहीं है. सूत्रों ने बताया कि हसीना की योजना लंदन जाने की थी. 

इधर बांग्लादेश की आर्मी ने सरकार की कमान संभाल ली है. आर्मी चीफ ने कहा कि बांग्लादेश में जल्दी ही अंतरिम सरकार का गठन होगा. इस बीच शेख हसीना के बेटे साजिब अहमद वाजेद जॉय ने कहा है कि उनकी मां शेख हसीना शायद अब बांग्लादेश की राजनीति में नहीं लौटेंगी.

हसीना  ने अपनी सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया . जॉय ने कहा कि उनकी मां की कोई राजनीतिक वापसी नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हसीना रविवार से ही इस्तीफा देने पर विचार कर रही थीं और परिवार के आग्रह के बाद अपनी सुरक्षा के लिए देश छोड़कर चली गईं. जॉय ने कहा कि 15 साल तक बांग्लादेश पर शासन करने वालीं उनकी मां बहुत निराश थीं कि उनकी इतनी मेहनत के बाद भी लोग उनके खिलाफ उठ खड़े हुए. प्रदर्शनकारियों और सत्तारूढ़ अवामी लीग समर्थकों के बीच टकराव हो गया। यह टकराव पुलिस और ज्यादातर छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पों में 200 से अधिक लोगों के मारे जाने के कुछ दिनों बाद हुआ। देश में एक पखवाड़े के भीतर कम से कम 300 लोग मारे गए हैं.’

हसीना के बेटे जॉय ने कहा कि पुलिसकर्मियों को पीट-पीटकर मार डाला गया है, केवल कल ही 13 की मौत हुई. जब भीड़ लोगों को पीट-पीटकर मार रही हो, तो आप पुलिस से क्या उम्मीद करते हैं?

बता दें शेख हसीना के आलोचकों ने उन पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और नागरिक स्वतंत्रता में कटौती का आरोप लगाया है. लोगों का आरोप है कि हसीना की नीतियों ने देश की तरक्की और आर्थिक प्रगति को नुकसान पहुंचाया है.