बिहार के इस अफसर ने न सिर्फ DTO बल्कि एसएफसी DM रहते हुए भी की थी गड़बड़ी, 39 लाख की पहुंचाई थी क्षति...मिला दंड

PATNA: बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजेश कुमार न सिर्फ डीटीओ रहते ही लापरवाही-गड़बड़ी की बल्कि राज्य खाद्ध निगम के जिला प्रबंधक रहते हुए भी गड़बड़ी की. सरकार ने पिछले महीने ही दो विभागों में तैनाती के दौरान की गई गड़बड़ी को लेकर दंड दिया है. दरभंगा में डीटीओ रहने के दौरान राजेश कुमार ने लापरवाही बरती थी. परिवहन विभाग की रिपोर्ट पर सरकार ने दंड दिया था. खगड़िया में राज्य खाद्ध निगम के जिला प्रबंधक रहते हुए भी मिलर के पक्ष में काम किया था. लिहाजा सरकार को लगभग 39 लाख का नुकसान हुआ था. इस जुर्म में भी अवनति का दंड दिया गया है. राजेश कुमार वर्तमान में एडीएम लोक शिकायत के पद पर कैमूर में पदस्थापित हैं. 

बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजेश कुमार (कोटि-701/ 11) खगड़िया में एसएफसी के जिला प्रबंधक थे. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने 2021 एवं 2022 में आरोप पत्र गठित कर अनुशासन कार्रवाई की अनुशंसा की थी. तत्कालीन जिला प्रबंधक राजेश कुमार के खिलाफ इनके पदस्थापन अवधि में मां लक्ष्मी राइस मिल बेगूसराय से बैंक गारंटी नहीं लेने तथा डीड आफ प्लेज नियमानुकूल नहीं रहने के कारण मिलर के द्वारा जमा की गई सीएमआर के समतुल्य राशि की वसूली नहीं की गई थी. जिस वजह से खाद्य निगम को 48 लाख 78734 रुपए की आर्थिक क्षति हुई थी. कार्रवाई की सिफारिश करने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आरोपी अधिकारी राजेश कुमार से स्पष्टीकरण की मांग किया. जवाब से असंतुष्ट होने के बाद मुंगेर प्रमंडल के कमिश्नर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त कर विभाग की कार्यवाही संचालित की गई।  विभागीय कार्यवाही में इन्हें बड़ा दंड दिया गया है. राजेश कुमार को दो वर्षों से अनाधिक अवधि के लिए संचयी प्रभाव से बिना कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड देने का निर्णय लिया गया है.21 मार्च 2024 को ही सरकार की तरफ से संकल्प जारी किया गया है.

  वहीं, 28 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग राजेश कुमार दरभंगा के तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी को सरकार ने दंड दिया था. परिवहन विभाग ने दरभंगा के तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार के खिलाफ 25 जनवरी 2023 को आरोप पत्र दिया था . इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शो-कॉज पूछा. जवाब से असंतुष्ट होते हुए सरकार ने आरोपी तत्कालीन डीटीओ के खिलाफ दंड पारित किया है. दरभंगा के तत्कालीन डीटीओ राजेश कुमार पर आरोप था कि इन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना एवं एंबुलेंस योजना के कार्यों में लापरवाही बरती. अनावश्यक रूप से वाहनों का निबंधन लंबित रखा, राजस्व संग्रहण में लापरवाही, सड़क सुरक्षा के कार्य में लापरवाही, चालान लंबित रखना समेत कई अन्य गंभीर आरोप का रिपोर्ट सामान्य प्रशासन विभाग को दिया गया. इस आरोप में आरोपी डीटीओ राजेश कुमार को 2022-23 के लिए निंदन और दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड दिया गया है. इस आलोक में तत्कालीन डीटीओ राजेश कुमार ने 6 मार्च को सामान्य प्रशासन विभाग को दंडादेश पर पुनर्विचार करने का आवेदन दिया जिसे अस्वीकृत कर दिया गया है. तत्कालीन डीटीओ राजेश कुमार वर्तमान में एडीएम लोक शिकायत के पद पर कैमूर में पदस्थापित हैं.