वर्दी भी नहीं सुरक्षित! महिला सिपाही का निजी वीडियो वायरल कर तुड़वाई शादी, अब मांगी रंगदारी

महिला सिपाही साइबर अपराध का शिकार हुई हैं. दबंगों ने उनके निजी वीडियो वायरल कर शादी तोड़ दी और अब रंगदारी मांग रहे हैं. मानसिक तनाव झेल रही पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू

वर्दी भी नहीं सुरक्षित! महिला सिपाही का वीडियो वायरल कर तुड़वाई शादी, अब मांगी रंगदारी- फोटो : news 4 nation AI

एक महिला सिपाही इन दिनों गहरे मानसिक तनाव और सामाजिक प्रताड़ना के दौर से गुजर रही है। एक एक युवक मदन साल 2018 से ही उस पर बुरी नीयत रख रहा था और उसका पीछा कर रहा था। आरोपी ने न केवल महिला पुलिसकर्मी के निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए,बल्कि उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए फर्जी कोर्ट मैरिज के दस्तावेज तक सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा कर दिए। इस घिनौनी साजिश का सबसे दुखद परिणाम यह रहा कि पीड़िता की तय हो चुकी शादी भी टूट गई है।

साजिश, रंगदारी और जान से मारने की धमकी

आरोपियों का दुस्साहस यहीं नहीं थमा बल्कि वीडियो वायरल करने के बाद अब वे पीड़िता से मोटी रकम की रंगदारी मांग रहे हैं। पीड़ित सिपाही के अनुसार, आरोपी मदन ने अपने भाइयों और एक साथी अमित के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर ग्रुप बनाया और आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक की। पैसे न देने पर आरोपियों ने महिला सिपाही और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है। अपराधियों के बढ़ते हौसले ने पुलिस महकमे के भीतर ही एक सुरक्षाकर्मी को असहाय स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है।

शादी तोड़ने के लिए लंबे समय से रची जा रही थी प्रयास

जांच में खुलासा हुआ है कि मुरादाबाद के कांठ थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला सिपाही को बिजनौर निवासी आरोपी मदन लंबे समय से बदनाम करने की कोशिश कर रहा था। साल 2024 में भी उसने वीडियो वायरल किए थे, जिसका मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद उसने अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगाई और पीड़िता के कार्यस्थल से लेकर उसके निजी जीवन तक में दखलअंदाजी जारी रखी। आरोपी का मुख्य उद्देश्य पीड़िता की छवि खराब करना और उसे आर्थिक व मानसिक रूप से तोड़ना था, जिसमें वह शादी तुड़वाने तक सफल रहा।

पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा पर सवाल

अपनी ही साथी के साथ हुई इस बर्बरता को देखते हुए मुरादाबाद पुलिस ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपियों के खिलाफ जालसाजी, रंगदारी, जान से मारने की धमकी और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह मामला चीख-चीख कर सवाल पूछ रहा है कि जब खाकी वर्दी पहनने वाली महिलाएं ही सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें सरेआम ब्लैकमेल किया जा रहा है, तो आम महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा का क्या होगा?