यूपी के कौशाम्बी में मुकेश सहनी का जोरदार स्वागत, गंगाजल हाथ में लेकर निषाद समाज ने लिया 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प

वीआईपी सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी अपनी 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' के तहत उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस दौरान सहनी ने हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर संकल्

गंगाजल हाथ में लेकर निषाद समाज ने लिया 'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं' का संकल्प- फोटो : रिपोर्टर

Patna/Lucknow : विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी अपनी 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' के तहत उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी पहुंचे, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं और निषाद समाज के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान सहनी ने उपस्थित जनसमूह को हाथ में गंगाजल लेकर निषाद समुदाय के लिए आरक्षण की मांग को लेकर संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर लिया गया यह संकल्प निषाद समाज के अधिकारों की रक्षा और उनके स्वाभिमान की लड़ाई को और अधिक मजबूत करेगा।


डॉ. संजय निषाद पर तीखा हमला, सत्ता से समझौते का लगाया आरोप 

कौशाम्बी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान 'सन ऑफ मल्लाह' के नाम से चर्चित मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री व निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ. संजय निषाद पर कड़ा प्रहार किया। सहनी ने आरोप लगाया कि डॉ. संजय निषाद ने सत्ता के साथ समझौता कर लिया है और वे निषाद आरक्षण के मूल मुद्दे पर प्रभावी आवाज नहीं उठा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार का हिस्सा रहते हुए भी धरने-प्रदर्शन करने पड़ रहे हैं, तो ऐसी सत्ता में बने रहने का क्या औचित्य है।


'आरक्षण नहीं तो वोट नहीं', 2018 से लंबित मुद्दे पर जताया रोष 

निषाद समाज के राजनीतिक शोषण का दावा करते हुए सहनी ने कहा कि वर्ष 2018 से आरक्षण का मुद्दा लंबित पड़ा हुआ है। इतने वर्षों तक सत्ता में भागीदार रहने के बावजूद निषाद समुदाय को उनका संवैधानिक हक नहीं मिल सका, जिससे आज समाज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार उत्तर प्रदेश के हर जिले में 'आरक्षण नहीं तो बीजेपी को वोट नहीं' का नारा बुलंद किया जा रहा है और समाज किसी भी दल के खोखले वादों के झांसे में नहीं आएगा।


2027 चुनाव में 90 प्रतिशत सीटों पर निषाद प्रत्याशियों की शर्त 

उत्तर प्रदेश के आगामी 2027 विधानसभा चुनावों पर अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए मुकेश सहनी ने बताया कि उनकी पार्टी फिलहाल इंडिया गठबंधन का हिस्सा है और वे अलग से चुनाव नहीं लड़ना चाहते। हालांकि, उन्होंने शर्त रखी कि विपक्ष के साथ सीट बंटवारे में जिन सीटों पर सहमति बनेगी, उनमें से 90 प्रतिशत सीटों पर केवल निषाद समाज के उम्मीदवारों को ही मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को अब अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानकर निर्णय लेना होगा।


गांव-गांव जाकर संकल्प अभियान को मजबूत करने का आह्वान 

अपने संबोधन के अंत में वीआईपी प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से गांव-गांव जाकर निषाद समाज को जागरूक करने तथा इस संकल्प अभियान को धरातल पर मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का निषाद समाज इस बार अपने अधिकार, सम्मान और आरक्षण के मुद्दे पर पूरी तरह से लामबंद और एकजुट है। सहनी ने आश्वस्त किया कि भविष्य की चुनावी रणनीति और सीट बंटवारे पर उचित समय पर आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।


देवांशु प्रभात की रिपोर्ट