UP News : पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा तोहफा, WFI अध्यक्ष संजय सिंह ’बबलू’ को गिफ्ट की 1.30 करोड़ की टोयोटा वेलफायर कार
UP News :बृजभूषण शरण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ को अपनी करीब 1.30 करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी Toyota Vellfire Hybrid कार उपहार में दी है......पढ़िए आगे
UP News : उत्तर प्रदेश में कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि उनका एक बड़ा और शाही तोहफा है। बृजभूषण शरण सिंह ने भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ‘बबलू’ को अपनी करीब 1.30 करोड़ रुपये कीमत की लग्जरी Toyota Vellfire Hybrid कार उपहार में दी है। यह बेशकीमती गाड़ी 12 जुलाई की देर शाम संजय सिंह को सौंपी गई।
मिली जानकारी के अनुसार बीते 10 जुलाई को बृजभूषण शरण सिंह और संजय सिंह दिल्ली स्थित पूर्व सांसद के आवास से इसी टोयोटा वेलफायर कार में सवार होकर हरियाणा के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने गए थे। 11 जुलाई को हरियाणा का दौरा खत्म कर दिल्ली लौटने के अगले ही दिन, यानी 12 जुलाई की शाम को बृजभूषण शरण सिंह ने यह कार संजय सिंह को गिफ्ट कर दी।
बृजभूषण शरण सिंह से तोहफे में यह लग्जरी कार मिलने के बाद संजय सिंह 13 जुलाई को इसे लेकर अपने गृह जनपद वाराणसी पहुंचे। वाराणसी आगमन पर उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर कार की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई और इसे अपने काफिले में शामिल कर लिया। इस खास पल की तस्वीरें उन्होंने मंगलवार देर शाम सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कार उपहार में मिलने की आधिकारिक पुष्टि की।
इस खास तोहफे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए WFI अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह उनके परिवार के सदस्य और एक अभिभावक की तरह हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "उन्होंने मुझे भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनाकर पहले ही बहुत बड़ा उपहार दिया था और अब उन्होंने मेरे चलने के लिए यह लग्जरी कार भी दे दी है। मैं इस अपार स्नेह के लिए जीवन भर उनका आभारी रहूंगा।"
संजय सिंह ने आगे कहा कि उनका और बृजभूषण शरण सिंह का रिश्ता पेशेवर न होकर पूरी तरह से पारिवारिक है। पूर्व सांसद ने यह गाड़ी उनके और उनके परिवार के उपयोग के लिए दी है। उन्होंने यह भी याद किया कि बृजभूषण शरण सिंह ने ही उन्हें पहले उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ में अपने साथ काम करने का मौका दिया और बाद में भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष बनने का अवसर प्रदान किया।