वाराणसी में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का बड़ा बयान: "शिक्षा और कर्म के बिना समाज का विकास असंभव, बच्चों की पढ़ाई हो सर्वोच्च प्राथमिकता"
वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने अपने समाज के लोगों को बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी है। वाराणसी में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति सही और गलत में आसानी से फर्क कर सकता है.....
Patna/Varanasi : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी उत्तर प्रदेश के वाराणसी पहुंचे, जहां उन्होंने वन सती देवी मंदिर के वार्षिक श्रृंगार समारोह में बतौर अतिथि शिरकत की। मंदिर परिसर में पहुंचने पर स्थानीय नागरिकों और पूजा समिति के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुकेश सहनी ने शिक्षा, सामाजिक एकता और अधिकारों के प्रति जागरूकता को समाज की तरक्की का सबसे मजबूत आधार बताया।
पूजा के साथ कर्म और शिक्षा पर जोर
समारोह में अपने विचार रखते हुए मुकेश सहनी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं बल्कि पूरी तरह से आस्था और पूजा का अवसर है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की प्रार्थना करते हैं, लेकिन केवल पूजा करने से समाज की तरक्की नहीं हो सकती। भगवान ने भी कर्म करने का संदेश दिया है। गरीबी, लाचारी और पिछड़ेपन को जड़ से मिटाने के लिए समाज को अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करते हुए ठोस और व्यावहारिक प्रयास करने होंगे।
भले ही एक रोटी कम खाएं, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाएं
शिक्षा की महत्ता पर विशेष बल देते हुए मुकेश सहनी ने महिलाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता बनाएं। उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि भले ही परिवार को एक वक्त भूखा रहना पड़े या एक रोटी कम खानी पड़े, लेकिन बच्चों को पढ़ाना-लिखाना हर हाल में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने चेताया कि जब तक समाज पूरी तरह शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह अपने संवैधानिक अधिकारों को न तो समझ पाएगा और न ही अपने जीवन स्तर में कोई सकारात्मक बदलाव ला पाएगा।
शिक्षा अभाव के नुकसान और बुरी आदतों से दूर रहने की नसीहत
मुकेश सहनी ने कहा कि शिक्षा के अभाव में लोग अपने अधिकारों, संपत्ति और भविष्य के फैसलों के लिए दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। इसके विपरीत, एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति सही और गलत में आसानी से फर्क कर सकता है तथा किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से अपना बचाव कर सकता है। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने नसीहत दी कि वे नशे और जुए जैसी सामाजिक और मानसिक बुराइयों से दूर रहें, क्योंकि शिक्षा ही वह माध्यम है जो सही रास्ता चुनकर परिवार को बेहतर जीवन दे सकती है।
जाति नहीं, व्यक्ति का कर्म तय करता है सम्मान
समाज में व्याप्त असमानता पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सदियों से गरीब और पिछड़े समाज के लोगों को प्रताड़ित किया गया है। समाज में सम्मान, प्रतिष्ठा और श्रेष्ठता का आधार कभी भी जाति नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह व्यक्ति के कर्म पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे आपसी भेदभाव भूलाकर एकजुट हों, अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्जवल भविष्य का निर्माण करें।
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस धार्मिक और सामाजिक आयोजन के दौरान वीआईपी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुजीत साहनी, वरिष्ठ नेता अरविंद मजवार, पूजा समिति के अध्यक्ष राम बच्चन निषाद, शंकर साहनी, गुलाब चंद निषाद, गंगाराम राजभर, हेमराज निषाद, कैलाश निषाद, विजय कुमार निषाद, अमित निषाद, दिनेश निषाद, सागरनाथ, लाल मान निषाद और सोहन निषाद सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
देवांशु प्रभात की रिपोर्ट