'जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' की शुरुआत 2 सितंबर को, सीएम सम्राट और स्वास्थ्य मंत्री निशांत की बड़ी पहल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत द्वारा 2 सितंबर 2026 को 'जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' की शुरुआत की जाएगी। मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज सुनिश्चित करना है

 'जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार'
'जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार'- फोटो : news4nation

Bihar News : बिहार में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से "जाँच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार" अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस विशेष अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 2 सितंबर 2026 को सुबह 10:00 बजे ऊर्जा ऑडिटोरियम, पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में किया जाएगा। कार्यक्रम में माननीय स्वास्थ्य मंत्री निशांत भी उपस्थित रहेंगे।


इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) की शुरुआती पहचान कर जोखिम कारकों को कम करना तथा असामयिक मौतों में कमी लाना है। इसके तहत मधुमेह और उच्च रक्तचाप, तीन प्रमुख सामान्य कैंसर: मुंह (HWC), स्तन एवं गर्भाशय के मुख (Cervical) का कैंसर (CHC, PHC), हृदय रोग, नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज जैसी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग और प्रबंधन किया जाएगा। 


उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क सुविधाएं

अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श देंगी एवं स्वास्थ्य संस्थानों में पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही, आवश्यकता के अनुसार मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में विभिन्न महत्वपूर्ण निःशुल्क प्रयोगशाला एवं नैदानिक जांच की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।


ऐसे होगी जाँच 

अभियान के तहत आशा एवं आशा फैसिलिटेटर ANM के साथ घर-घर जाकर सर्वेक्षण, फैमिली फोल्डर एवं CBAC फॉर्म भरकर जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान करेंगी तथा मरीजों की लाइन-लिस्ट तैयार कर उन्हें दवा और फॉलो-अप के लिए प्रेरित करेंगी। वहीं CHO एवं ANM आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर 30 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों की ऊंचाई, वजन और BMI के आधार पर स्क्रीनिंग करेंगे तथा गंभीर मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केंद्रों पर रेफर करने के साथ टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से दवा उपलब्ध कराएंगे। चिकित्सा पदाधिकारी (MO) आवश्यक जांच, OPD आधारित स्क्रीनिंग, उपचार एवं जटिल मामलों के प्रबंधन के साथ आंकड़ों की प्रविष्टि सुनिश्चित करेंगे।


अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए प्रखंड एवं जिला स्तर पर नियमित समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है। प्रखंड स्तर पर BCM नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि BHM और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रतिदिन समीक्षा कर कमियों का निराकरण करेंगे। जिला स्तर पर NCDO नोडल अधिकारी होंगे और सिविल सर्जन-सह-सदस्य सचिव, DPM एवं DM&EO वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान की प्रगति, मानव संसाधन एवं दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे। 


राज्य स्वास्थ्य समिति ने अभियान के दौरान सभी आंकड़ों की NCD पोर्टल पर रियल-टाइम प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, ताकि अभियान के निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत हासिल किया जा सके।