नेपाल में सुबह सुबह आया भीषण जल प्रलय, बिहार में कई जिलों पर बाढ़ का खतरा, गंडक दी के तटवर्ती जिलों में अलर्ट

नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है।

Massive Flood in Nepal
Massive Flood in Nepal- फोटो : news4nation

Flood in Bihar : नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आए भीषण जल सैलाब ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी नदी में अचानक भारी बाढ़ आने के बाद नेपाल के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। इस जल सैलाब को देखते हुए बिहार में भी गंडक नदी के तटवर्ती जिलों में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF और अन्य बचाव दलों को तैयार रखने की तैयारी की जा रही है।


नेपाल के रसुवा जिले में सुबह करीब 9 बजे भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। अधिकारियों के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की दिशा से आया। तेज बहाव ने रसुवा जिले के तिमुरे और आसपास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही मचाई। नेपाल सेना के मुताबिक, बाढ़ में कई वाहन, सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं। सीमा क्षेत्र में स्थित कस्टम परिसर को भी नुकसान पहुंचा है।


रसुवा के मुख्य कस्टम अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि कस्टम परिसर में खड़े कई वाहन और रखा सामान बाढ़ के पानी में बह गया। इसके अलावा हाल में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ की चपेट में आकर ध्वस्त हो गया। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बाढ़ को असामान्य रूप से बड़ा बताया और कहा कि दोनों बस्तियों को काफी नुकसान हुआ है।





नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की अपील की है। नेपाल की जल एवं मौसम विज्ञान एजेंसी ने भी 26 अगस्त को हाइड्रोलॉजिकल चेतावनी जारी की है।


स्थिति को देखते हुए नेपाल सरकार ने सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया है। नेपाल सेना ने त्रिशूली नदी के आसपास खोज और बचाव अभियान के लिए दो हेलीकॉप्टर भेजे हैं। इनमें एक MI-17 हेलीकॉप्टर को आपात चिकित्सा बचाव दल के साथ तैनात किया गया है।


अधिकारियों के अनुसार, अभी बाढ़ से हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। खास बात यह है कि नेपाल के जल एवं मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक रसुवा में बुधवार की बाढ़ स्थानीय बारिश के कारण नहीं आई। पिछले साल भी भोटेकोशी में आए विनाशकारी बाढ़ में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई थी।