CJP Protest: संसद से सड़क तक सियासी संग्राम, CJP के हंगामे के बीच पीएम से मिले धर्मेंद्र प्रधान,NDA संसदीय दल की बैठक शुरू

मानसून सत्र के पहले दिन से ही संसद के भीतर और बाहर सियासी तापमान बढ़ गया है। NEET-UG पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिय

Dharmendra Pradhan Meets PM Amid CJP Stir NDA Meet Begins
संसद से सड़क तक सियासी संग्राम- फोटो : social Media

News Delhi:  मानसून सत्र के पहले दिन से ही संसद के भीतर और बाहर सियासी तापमान बढ़ गया है। NEET-UG पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जंतर-मंतर से संसद तक निकले मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज के बाद भी आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है।

CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन दोबारा शुरू हो गया है। सोमवार को पुलिस द्वारा प्रदर्शन स्थल खाली कराए जाने के बाद समर्थक फिर लौटे और दोबारा मंच तैयार कर दिया। CJP नेता अभिजीत दीपके ने ऐलान किया है कि मंगलवार को भी संसद मार्च जारी रहेगा और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। वहीं, उनके आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।

उधर, जंतर-मंतर से लेकर संसद परिसर तक जारी विरोध प्रदर्शन ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि सरकार की रणनीति साफ है कि वह किसी भी दबाव में झुकने का संदेश नहीं देना चाहती। सियासी गलियारों में चर्चा है कि सरकार पिछली यूपीए सरकार के अनुभवों से सबक लेते हुए विपक्ष के दबाव के सामने तुरंत फैसला लेने से बच रही है।

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को NEET-UG पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सांसदों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं, छात्रों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार बाधित हुई।

इसी बीच एनडीए संसदीय दल की बैठक भी हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत एनडीए के सांसद शामिल हुए। बैठक में संसद सत्र की रणनीति और विपक्ष के हमलों का जवाब देने को लेकर चर्चा हुई।वहीं, लद्दाख के मुद्दों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की सेहत रिपोर्ट भी सामने आई है। सफदरजंग अस्पताल ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर रिपोर्ट जारी की है।

बताया जा रहा है कि 20 जुलाई के प्रदर्शन के बाद सरकार की ओर से बातचीत की पहल भी हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के दो राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को मिलने के लिए बुलाया। बैठक में पार्टी ने अपनी तीन प्रमुख मांगें रखीं, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है। नड्डा ने इन मांगों पर शीर्ष नेतृत्व से चर्चा करने का आश्वासन दिया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या फिर संसद से सड़क तक यह सियासी टकराव और तेज होता है।