CMRL भ्रष्टाचार विवाद में बुरे फंसे पूर्व मुख्यमंत्री ! हाईकोर्ट ने दिया FIR दर्ज करने का आदेश, बेटी-दामाद फंसे
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) की ओर से वीणा की बेंगलुरु स्थित आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए भुगतान से जुड
FIR Against Former CM : भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले बड़ा फैसला देते हुए केरल हाईकोर्ट ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और CPI(M) नेता पिनराई विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और उनके दामाद व पूर्व लोक निर्माण मंत्री मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह निर्देश एक विवादित खनन कंपनी से वीणा की फर्म को हुए संदिग्ध भुगतान के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर दिया है। शुक्रवार को एकल पीठ के इस आदेश से राज्य की राजनीति में हलचल तेज होने की संभावना है।
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) की ओर से वीणा की बेंगलुरु स्थित आईटी कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए भुगतान से जुड़ा है। ED ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि कंपनी से वीणा को मिले पैसे वास्तव में पिनराई विजयन को रिश्वत के रूप में दिए गए थे। एजेंसी के मुताबिक, इस मामले में करीब 3.28 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप है।
कांग्रेस सरकार ने प्रारंभिक जांच की दी थी दलील
ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66(2) के तहत राज्य सरकार को रिपोर्ट भेजकर भ्रष्टाचार निवारण कानून के अंतर्गत मामला दर्ज करने की जरूरत बताई थी। हालांकि, कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार का कहना था कि FIR दर्ज करने से पहले तथ्यों की पुष्टि के लिए प्रारंभिक जांच जरूरी है।
सरकार के इस रुख के खिलाफ CPI(M) से निष्कासित नेता केएम शाहजहां ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। BJP ने भी आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार CPI(M) के साथ कथित राजनीतिक समीकरणों के कारण विजयन के खिलाफ कार्रवाई से बच रही है।
ED ने 20 करोड़ रुपये के लेनदेन का भी किया उल्लेख
ED की रिपोर्ट में वीणा और रियास से जुड़े करीब 20 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, रियास के सहयोगियों के माध्यम से धन दुबई भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, कुछ लोगों ने बाद में दावा किया कि ED ने उन पर दबाव डालकर बयान दर्ज कराए थे।
वीणा का कहना रहा है कि CMRL से मिला पैसा उनकी कंपनी को दी गई सेवाओं का भुगतान था। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। इस मामले से केरल में CPI(M), कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो सकते हैं।