लोकसभा में गतिरोध जारी, NDA सांसदों का संसद के बहार प्रदर्शन, विपक्ष का अमित शाह पर हल्ला बोल, कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित
ओम बिरला ने कहा कि सदन में लगातार व्यवधान से सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हो पा रहा है
Loksabha : लोकसभा में मंगलवार को भी गतिरोध जारी रहा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों को रचनात्मक चर्चा के साथ पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष को एक साथ आना चाहिए। लोकसभा अध्यक्ष की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य अपनी मांगों पर कायम रहे। हंगामा और गतिरोध जारी रहने के कारण ओम बिरला ने लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
ओम बिरला ने कहा कि सदन में लगातार व्यवधान से सांसदों को अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि लोकसभा की कार्यवाही बाधित होने के कारण प्रश्नकाल भी नहीं हो पा रहा है, जबकि प्रश्नकाल के जरिए सांसद सरकार से सीधे सवाल पूछते हैं और उसे जवाबदेह बनाते हैं।
NEET पेपर लीक पर अमित शाह के बयान की मांग
लोकसभा में गतिरोध की एक प्रमुख वजह NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी है। सरकार ने सोमवार को कहा था कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में जवाब देने को तैयार हैं। सरकार ने विपक्ष से अपील की थी कि वह चर्चा से पीछे न हटे और गृह मंत्री के जवाब को बिना व्यवधान के सुने। हालांकि, विपक्ष अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है।
राम मंदिर गबन का मुद्दा
विपक्ष की ओर से अयोध्या स्थित राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी के आरोपों पर भी सदन में चर्चा की मांग की जा रही है। विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे को भी बहस के दायरे में शामिल किया जाए। इन मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बन सकी और मंगलवार को भी सदन की कार्यवाही प्रभावित रही।
संसद के बाहर NDA सांसदों का प्रदर्शन
इसी बीच, NDA सांसदों ने मंगलवार सुबह संसद के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन झारखंड में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया गया। संसद के भीतर और बाहर जारी विरोध-प्रदर्शन के कारण फिलहाल सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी सदन की कार्यवाही के सुचारू संचालन को लेकर चुनौती बनी रहने की संभावना है।