Parliament Monsoon Session 2026:संसद के मानसून सत्र का आगाज, विपक्ष के मुद्दों के तीर और सरकार के विधेयकों की ढाल, संसद में बदलेगी तस्वीर, कई सांसदों की सीटों में बदलाव

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान के आसार तेज हो गए हैं।...

Monsoon Session Begins Parliament Set for Political Showdown
संसद के मानसून सत्र का आगाज- फोटो : social Media

Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है और पहले ही दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी घमासान के आसार तेज हो गए हैं। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक तापमान बढ़ चुका है। सर्वदलीय बैठक में जहां सरकार ने सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की, वहीं विपक्ष ने कई बड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग कर अपनी रणनीति साफ कर दी है। सत्र की शुरुआत से पहले ही संकेत मिल चुके हैं कि संसद का यह दौर शांत रहने वाला नहीं है। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, अयोध्या राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद, एथनॉल ब्लेंडिंग नीति और मणिपुर जैसे संवेदनशील मुद्दों को सदन में उठाने की तैयारी कर ली है। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े गंभीर मामलों पर सरकार को जवाब देना होगा।

वहीं, सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे और उन पर सार्थक चर्चा जरूरी है।मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधायी कामकाज को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। इस दौरान राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक और आयकर (संशोधन) विधेयक समेत कई प्रस्तावित कानून सदन में पेश किए जा सकते हैं।

सरकार का तर्क है कि इन विधेयकों पर व्यापक चर्चा के जरिए देशहित में फैसले लिए जाएंगे। लेकिन विपक्ष इन मुद्दों के साथ-साथ कई राजनीतिक और जनसरोकार से जुड़े मामलों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधन दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार की नीतियों और सुधारों का जिक्र करते हुए युवाओं की क्षमता और आत्मविश्वास की बात कही।

प्रधानमंत्री ने युवाओं का जिक्र करते हुए विपक्ष पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा, “मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा…” पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में हुए सुधारों से देश के युवाओं में जोखिम लेने और नए अवसर तलाशने का साहस बढ़ा है।हालांकि, अपने संबोधन में उन्होंने हाल के कुछ राजनीतिक विवादों या प्रदर्शनों का कोई जिक्र नहीं किया।

मानसून सत्र के दौरान लोकसभा का नजारा भी बदला-बदला नजर आएगा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कई सांसदों की बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया है।जानकारी के मुताबिक, कुल 39 सांसदों की सीटों में बदलाव किया गया है। इनमें तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद भी शामिल हैं, जिनके लिए अलग बैठने की व्यवस्था की गई है।टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदली गई है। इसके अलावा वाईएसआर कांग्रेस के पीवी मिधुन रेड्डी और शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल समेत कई अन्य सांसदों की सीटों में परिवर्तन किया गया है।

इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ने शिवसेना यूबीटी के छह सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी। इसके बाद राजनीतिक समीकरणों के बीच सदन में बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।मानसून सत्र ऐसे समय शुरू हो रहा है जब देश में कई राजनीतिक मुद्दे गर्म हैं। विपक्ष जहां सरकार को घेरने के लिए तैयार है, वहीं सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश में है।अब नजर इस बात पर होगी कि संसद की कार्यवाही मुद्दों पर चर्चा का मंच बनती है या फिर आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट चढ़ती है। मानसून सत्र में सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी टकराव तय माना जा रहा है।