'मन की बात' नहीं संसद में बात रखें पीएम मोदी ... पेपर लीक पर प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश पर भड़के मल्लिकार्जुन खड़गे, कर दी बड़ी मांग

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसद पहुंचने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। छात्रों से माफी मांगने और कथित तौर पर लाठी और पैलेट गन के इस्तेमाल के लिए माफ़ी की मांग की

Paper Leak Row
Paper Leak Row - फोटो : news4nation

Paper Leak :  प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाला विधेयक संसद में लाने के ऐलान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब प्रधानमंत्री को सदन के भीतर आकर इस गंभीर मुद्दे पर बयान देना चाहिए, न कि बाहर से ‘एकतरफा मन की बात’ करनी चाहिए।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार रात एक वीडियो संदेश के जरिए कहा था कि पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए सरकार नया विधेयक लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून के प्रावधानों पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में चर्चा की जाएगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि संसद के मानसून सत्र के अगले सप्ताह में विधेयक पेश कर जल्द से जल्द पारित कराया जाए।


खड़गे की मांग- पहले शिक्षा मंत्री को हटाइए

प्रधानमंत्री के संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसद पहुंचने से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने छात्रों से माफी मांगने और प्रदर्शनकारी छात्रों की आवाज दबाने के लिए कथित तौर पर लाठी और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। खड़गे ने कहा कि इसके बाद शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए विपक्ष तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि संसद सत्र के दौरान सरकार को सदन में जवाब देना चाहिए और वहीं चर्चा होनी चाहिए।


सियासी घमासान

पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्षी दल लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर संसद परिसर के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया है। 


वहीं, सरकार का कहना है कि पेपर लीक के मामलों में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और छात्रों का एकेडमिक वर्ष बर्बाद न हो, इसके लिए प्रभावित परीक्षाओं को जल्द से जल्द आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सरकार पेपर लीक के मामलों में फास्ट-ट्रैक अदालतों और कड़े दंड जैसे प्रावधानों पर भी काम कर रही है।


PM मोदी का आश्वसन

प्रधानमंत्री ने कहा है कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है। इससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों को गहरी पीड़ा होती है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने प्रभावित छात्रों का साल बचाने के लिए कम समय में परीक्षाएं आयोजित कराईं और अब भविष्य में ऐसे मामलों पर और कड़ी कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधान किए जा रहे हैं।