SIR के नाम पर हुआ देशद्रोह, मोदी-शाह हों या ज्ञानेश-भागवत कोई नहीं बचेगा ... राहुल गाँधी की चुनौती

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव प्रक्रिया में कथित 'वोट चोरी' के जरिए बीजेपी की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से अपनी बात रखने और उठाए गए सवालों का जवाब मांगने आया है।

Rahul Gandhi on SIR Controversy
Rahul Gandhi on SIR Controversy- फोटो : news4nation

Rahul Gandhi :   चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी INDIA ब्लॉक के सांसदों का मंगलवार को संसद से निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक निकाला गया मार्च दिल्ली में हाई-वोल्टेज राजनीतिक घटनाक्रम में बदल गया। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। इससे पहले राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते भी नजर आए।


विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका गांधी समेत कुछ नेता आकाशवाणी भवन परिसर में बैठ गए।


'300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं'

धरने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें चुनाव आयोग के कार्यालय से करीब 50 गज पहले ही रोक दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग मुलाकात नहीं करेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब रह जाएगा।


राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव प्रक्रिया में कथित 'वोट चोरी' के जरिए बीजेपी की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से अपनी बात रखने और उठाए गए सवालों का जवाब मांगने आया है। उनके मुताबिक, चुनाव आयोग को विपक्षी सांसदों से बातचीत करनी चाहिए।


'भाजपा का कार्यकर्ता समझते हैं क्या?'

पत्रकारों के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि भाजपा क्या कहती है। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र को बचाने के लिए यहां खड़े हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है और चुनाव को 'हाइजैक' किया गया है। राहुल ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने इसमें मदद की है।


राहुल गांधी ने कहा, "मेरे भारत के साथ जो किया गया है, वो देशद्रोह है।" उन्होंने यह भी कहा कि इन मुद्दों पर कोई बचकर नहीं निकल पाएगा। ये राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं, जिनका सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की ओर से अलग पक्ष भी सामने आया है।


आकाशवाणी परिसर में जारी रहा धरना

मार्च रोके जाने और हिरासत की कार्रवाई के बाद राहुल और प्रियंका गांधी आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। उनके साथ कांग्रेस के अन्य नेता भी मौजूद रहे। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारी नेताओं ने चुनाव आयोग तक मार्च की अनुमति देने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।


विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है और SIR प्रक्रिया को कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित किए जाने की बात कहता है।